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पौधों की देखभाल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: कलेक्टर

पौधों की देखभाल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: कलेक्टर


कलेक्टर ने की गोधन न्याय योजना, वृक्षारोपण और मनरेगा कार्यों की समीक्षा

जगदलपुर सीईओ और पीओ तथा वन और कृषि विभाग के अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण


जगदलपुर।  कलेक्टर  रजत बंसल ने आज कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में आयोजित वृक्षारोपण, गोधन न्याय योजना एवं मनरेगा योजनांतर्गत संचालित कार्यों  की समीक्षा के दौरान कहा कि प्राकृतिक संतुलन के लिए वृक्षों की सबसे अधिक आवश्यकता है।

इसके लिए शासन द्वारा अधिक से अधिक वृक्षों के रोपण का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर श्री रजत बंसल ने जगदलपुर विकासखण्ड में सड़कों के किनारे लगाए गए पौधों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसके लिए जगदलपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।

कलेक्टर ने गोधन न्याय योजना की समीक्षा के दौरान बस्तर और दरभा विकासखण्ड में कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की और वहां के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। वहीं वन धन केन्द्रों के निर्माण की धीमी गति के लिए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री इंद्रजीत चंद्रवाल सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि बस्तर जिला की प्राकृतिक सौन्दर्यता को बनाए रखने के साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाए जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही इन पौधों की सुरक्षा के लिए भी जिम्मेदारीपूर्वक कार्य किए जाने की आवश्यकता है। नदी के संरक्षण और मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए जिले में प्रारंभ किए गए ‘कठा लगाउं बूटा‘ अभियान के तहत इस वर्ष भी बड़े पैमाने पर नदियों और नालों के किनारे पौधे लगाए जाएंगे। इसी तरह सड़कों की सुंदरता को बढ़ाने के लिए भी इनके किनारे भी इस वर्ष पौधे लगाए जाएंगे।
कलेक्टर ने वृक्षारोपण के साथ ही उनकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने वृक्षारोपण किए गए सभी पौधों की जियो टैगिंग सुनिश्चित करने के साथ ही पिछले वर्ष लगाए गए पौधों को वन विभाग को जून माह तक हस्तांरित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस आगामी मानसून के दौरान वृक्षारोपण के लिए कार्ययोजना दो दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।