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टीबी रोगियों की पहचान के लिए एक माह चलेगा अभियान

टीबी रोगियों की पहचान के लिए एक माह चलेगा अभियान

शुरुआत आज से, लक्षण दिखने पर तत्काल जांच व इलाज कराने की अपील

राजनांदगांव। राष्ट्रीय क्षय (टीबी) रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में 10 सितंबर से एक महीने तक टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत गांव-गांव में सर्वे कर टीबी के रोगी तथा टीबी के लक्षणों वाले रोगियों को चिन्हित किया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों से अपील करेगी कि, इस रोग को छिपाएं नहीं बल्कि उसका इलाज कराएं। इलाज कराने से टीबी की बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है।

यह विशेष अभियान संचालक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग एवं कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी के मार्गदर्शन में 10 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। छत्तीसगढ़ को 2023 तक टीबी मुक्त बनाने हेतु राज्य सरकार भी संकल्पित है और इसे पूरा करने के प्रयास में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी रोगियों की खोज करने के लिए सघन टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। जांच में किसी में टीबी के लक्षण मिलने पर उसकी जांच की जाएगी। साथ ही टीबी रोग पर नियंत्रण करने हेतु लोगों को सावधानियां बताते हुए जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। 

इस संबंध में जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. अल्पना लुनिया ने बताया, राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में 10 सितंबर से 10 अक्टूबर तक सघन टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। अभियान शुरु करने से पहले स्वास्थ्य विभाग के द्वारा समस्त ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, टीबी चैंपियन तथा मितानिनों के खोजी दल का गठन कर उनका प्रशिक्षण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अभियान के दौरान टीबी रोग के प्रमुख लक्षणों जैसे-दो सप्ताह से अधिक खांसी, शाम के समय बुखार आना, वजन घटना व खखार में खून आना आदि की जानकारी संबंधित व्यक्तियों से ली जाएगी। टीबी रोग के लक्षण पाए जाने पर संभावित टीबी मरीजों का एक्स-रे एवं टूनॉट मशीन के माध्यम से टीबी रोग की निशुल्क जांच की जाएगी। साथ ही, टीबी की रोकथाम व लोगों को इससे राहत देने के उद्देश्य से जागरुकता के विभिन्न प्रयास किए जाएंगे। अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, आरएमए एवं राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) कर्मचारी की डयूटी लगाई जाएगी। उन्होंने बताया, जिले के प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर एक एनटीईपी कर्मचारी एवं एक स्वास्थ्य सुपरवाइजर अभियान पर्यवेक्षक के रूप में निगरानी करेंगे। सुबह के खखार के लिए टीबी के संभावित मरीज को स्पूटम कंटेनर एवं रेफरल स्लिप देकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजना होगा। अभियान में सभी निजी चिकित्सकों, नर्सिंग होम संचालकों, प्रयोगशालाओं में क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारी संपर्क करने के साथ-साथ क्षय रोगों के बारे में जानकारी हासिल करेंगे। 

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया, टीबी रोग किसी भी उम्र में किसी भी व्यक्ति को कभी भी हो सकता है। यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल भी सकता है। टीबी के लक्षण वाले व्यक्ति मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल राजनांदगांव या समीप के सामुदायिक या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी रोग की जांच करवा सकते हैं। टीबी रोग की जांच एवं उपचार की सुविधा स्थानीय स्वास्थ्य केन्द्रों में निशुल्क उपलब्ध है।