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मुख्यमंत्री की दो टूक, प्रदेश में हुक्का-बार पूरी तरह प्रतिबंधित हो एसपी, आईजी के साथ हुई बैठक में दिए निर्देश

 मुख्यमंत्री की दो टूक, प्रदेश में हुक्का-बार पूरी तरह प्रतिबंधित हो एसपी, आईजी के साथ हुई बैठक में दिए निर्देश

रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों के साथ की बैठक में प्रदेश में पनप रहे नशीले पदार्थ के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए कड़े निर्देश दिए है। उन्होंने दो टूक में कहा कि प्रदेश में हुक्का बार पूरी तरह प्रतिबंधित हों तथा दूसरे राज्यों से गांजे का एक भी पत्ता छत्तीसगढ़ में प्रवेश नहीं होना चाहिए। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां न्यू सर्किट हाऊस ऑडिटोरियम में पुलिस अधीक्षकों और पुलिस महानिरीक्षकों की कॉन्फ्रेंस हो रही है। जिसमें गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रवींद्र चौबे, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, पुलिस महानिदेशक डी. एम. अवस्थी सहित गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक भी शामिल है। 

मुख्यमंत्री श्री  बघेल ने इस कांफ्रेंस में कहा कि छोटी-छोटी घटनाओं को साम्प्रदायिक और अराजक तत्व बड़ा रूप देने की चेष्टा कर रहे हैं। सभी पुलिस अधीक्षक उन्हें पहचानें, अपना आसूचना तंत्र विकसित करें क्यूंकि ऐसी घटनाओं का सीधा असर प्रदेश की शांति व्यवस्था और सरकार की छवि पर होता है।

श्री बघेल ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान हमारी सरकार, प्रशासन और पुलिस ने अभूतपूर्व कार्य किया है। आपने प्रवासी मजदूरों के हित में बेहतरीन कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर थाना, अनुविभाग, जिला और रेंज लेवल पर सूचना तंत्र विकसित करें तथा पुलिस अधीक्षक हर जिले में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की स्पेशल टीम बनाएं जो सोशल मीडिया में अफवाह फैलाने वालों का चिन्हांकन कर कार्यवाही करें।

मुख्यमंत्री  बघेल ने कहा कि छोटी घटनाओं का राजनीतिक लाभ लेने अवसरवादी तत्व अफवाह, दुष्प्रचार और भ्रामक समाचार फैलाते हैं, उनकी पहचान कर कार्यवाही करना जरूरी है। सोशल मीडिया अफवाह फैलाने का सबसे बड़ा साधन बन गया है। सोशल मीडिया में भी एक सुदृढ़ आसूचना तंत्र विकसित करना जरूरी है। 

मुख्यमंत्री ने इस दौरान निर्देश दिये कि नशीले पदार्थों का प्रभावी रोकथाम हेतु सीमावर्ती राज्यों ओडिशा, मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के अधिकारियों के साथ आईजी और एसपी बैठक करें।