breaking news New

परिवार समेत 22 जंगली हाथी फिर पहुंचे गरियाबंद : फ़सलो को रौंद रहे हाथियों के दल से ग्रामीणों में भय का माहौल

परिवार समेत 22 जंगली हाथी फिर पहुंचे  गरियाबंद : फ़सलो को रौंद रहे हाथियों के दल से ग्रामीणों में भय का माहौल

गरियाबंद। एक बार फिर गरियाबंद जिले में 22 जंगली हाथियों के दल ने जि़ले में  फिर धमक दी है जिससे प्रभावित गांव के ग्रामीण में रोष व्याप्त हैज्बाड़ी में लगी फ़सलो को रौंद जिससे एक बार फिर ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है । यह पहला मौका नहीं है जब हाथियों का दल हाथियों के दल ने इस तरह उत्पात मचाया बीते 1 साल से रुक रुक कर हाथी का दल गरियाबंद जिले प्रवेश कर रहा है और भारी नुकसान पहुंचा रहा है । इस बार परसूली परिक्षेत्र में जंगली हाथियों के द्वारा फिर उत्पाद मचाया बीते एक वर्ष से ओडि़सा की ओर से आए हाथियों के दल के द्वारा गरियाबंद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में घूम घुमकर उत्पात मचाया जा रहा है । ये हाथियों का दल जिसमे 20 से 22 हाथी मौजूद है वे फिर घूमकर परसूली परिक्षेत्र के ग्राम हाट महुआ , कोदोमाली और दातबाय लिटिपारा क्षेत्र में बॉडी में बोए फसल को नुकसान पहुचा रहे है ।

ज्ञात हो कि बीते वर्ष 2020 में पूरा साल हाथियों के द्वारा जिले के हर क्षेत्र में उत्पात मचाया गया जिज़मे तीन लोगों को रौंदकर मारा भी गया है । इस बात को संज्ञान में लेते हुए परसूली वन परिक्षेत्र के वन विभाग के संबंधित अधिकारी के द्वारा अपने विभाग के हर कर्मचारियो को ग्रामीणों की सुरक्षा में लगाते हुए ग्रामीणो से अपील किया जा रहा है कि वे जंगल की ओर न जाए अपने घर या आसपास महुआ न रखे और सावधान रहे ।

वही हाथियों के आने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल देखा जा रहा है। इससे पहले चंदा हाथी के दल ने जिले में बहुत कोहराम मचाया था । उसी के सदस्यों ने तीन लोगों की जान ली थीऔर चंदा हथिनी के दल इन दिनों धमतरी जिले में है । हालांकि उसमें से कुछ सदस्य गरियाबंद जिला में प्रवेश कर महासमुंद के और आगे बढ़ गया है और यह जो नया दाल आया हुआ उड़ीसा से होकर फिर एक बार गरियाबंद जिले में प्रवेश किया है ।  इस बात को अज्ञान में लेते हुए परसूली वन परिक्षेत्र अधिकारी अशोक भट्ट के द्वारा अपने विभाग के हर कर्मचारियो को ग्रामीणों की सुरक्षा में लगाते हुए ग्रामीणो से अपील किया जा रहा है कि वे जंगल की ओर न जाए अपने घर या आसपास महुआ न रखे और सावधान रहें ।