कोण्डागांव में साम्प्रदायिक तनाव, पुलिस बल तैनात, इसाइयों के घर में तोड़फोड़ करने से हुआ विवाद

कोण्डागांव में साम्प्रदायिक तनाव, पुलिस बल तैनात, इसाइयों के घर में तोड़फोड़ करने से हुआ विवाद

कोंडागांव. आदिवासी बाहुल्य कोंडागांव जिले में कुछ स्थानीय लोगों द्वारा ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों के घरों में कथित रूप से तोड़फोड किए जाने के बाद जिले के कुछ गांवों में तनाव उत्पन्न हो गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.

दूसरी ओर छत्तीसगढ़ क्रिश्चन फोरम (सीसीएफ) ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी के मुताबिक कोंडागांव जिले के काकड़ाबेड़ा, सिंगनपुर, तिलियाबेड़ा, सिलाटी और जोंड्राबेड़ा गांव में पिछले कुछ दिनों में हुए तनाव को देखते हुए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

बताया जाता है कि कुछ आदिवासी परिवार पिछले पांच-छह वर्षों में ईसाई धर्म को मानने लगे हैं। इससे वहां रहने वाले अन्य आदिवासी परिवारों को इस बात को लेकर आपत्ति है कि ईसाई धर्म मानने वाले परिवार आदिवासी रीति रिवाजों का पालन नहीं कर रहे हैं और इसे लेकर इन गांवों में पिछले कुछ दिनों से तनाव है। उन्होंने बताया कि जब पुलिस को मामले की जानकारी मिली तब गांवों के लिए पुलिस दल रवाना किया गया तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्रामाीणों को समझाया बुझाया भी।

ग्रामीणों के अनुसार काकड़ाबेड़ा, सिलाटी और सिंगनपुर गांव में इस महीने की 22 और 23 तारीख को ग्रामीण एकत्र हुए और ईसाई धर्म को मामने वाले कम से कम 14 परिवारों के घरों में तोड़फोड की। पन्नालाल ने बताया कि इन परिवारों में लगभग 53 सदस्य हैं. पन्नालाल ने बताया कि कुछ प्रभावित परिवारों को रायपुर लाया गया है और जल्द ही इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय जाएंगे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को 10 लाख रूपए मुआवजा देने की मांग की है।