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करेंट से एक की मृत्यु दूसरा हुआ पूर्ण विकलांग : दोनों पैर और दोनों हाथ के बगैर खून के आंसू रोने को विवश धनेश्वर बरेट

करेंट से एक की मृत्यु दूसरा हुआ पूर्ण विकलांग : दोनों पैर और दोनों हाथ के बगैर खून के आंसू रोने को विवश धनेश्वर बरेट

सक्ती विधानसभा क्षेत्र होने के बाद भी शासन प्रशासन नहीं ले रहे हैं संज्ञान 

चांपा।  चांपा के निकट कोरबा रोड में 13 सितंबर 2020 को ग्राम सिवनी के दो युवक की शीतला केडिया पति जगदीश केडिया के मिट्टी तेल डिपो में हाथ चलती मशीन से बोरिंग खुदाई का कार्य कर रहे थे जिसमें ग्राम सिवनी के धनेश्वर बरेट तथा देव बरेट  सिवनी का कार्य के दौरान 32 केवी हाई वोल्टेज करंट के चपेट में आने से दोनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे प्राथमिक उपचार के बाद दोनों युवकों  रायपुर रिफर कर दिया गया जहां लगातार 20 दिनों से जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद देव बरेट का करुणा मौत हो गया तो वही दूसरा मजदूर युवक धनेश्वर बरेट का माली हालत गंभीर होते हुए भी घर बार बेचकर ₹500000 खर्च करने के उपरांत युवक का जिंदगी तो बच गया लेकिन अब शेष जीवन ऐसा मिला है जो गैरों को भी देख कर आंसू बह जाए क्योंकि धनेश्वर बरेट आज दोनों पैर और दोनों हाथ से संपूर्ण रूप से विकलांग होकर आज अपनी जिंदगी को लेकर खून के आंसू रोने को विवश है

विधानसभा अध्यक्ष का है क्षेत्र

 सिवनी जोकि शक्ति विधानसभा क्षेत्र में आता है और शक्ति विधानसभा के  विधायक डॉ चरणदास महंत चुने गए हैं जो कि छत्तीसगढ़ राज्य के विधानसभा अध्यक्ष हैं इसके उपरांत भी लगातार समाचार के सुर्खियों में होने के बाद भी शासन प्रशासन तथा मजदूरों को काम लगाने वालों के तरफ से उक्त दोनों परिवारों को आज तक फूटी कौड़ी का मदद नहीं मिलना अपने आप में गंभीर मुद्दा बन चुका है और लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है  यहां पर स्पष्ट कर दें कि दोनों परिवार अब गंभीर आर्थिक परेशानियों को झेलने के लिए विवश हैं तो वही देव बरेट अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य होने के कारणों से आज उसके बुजुर्ग माता-पिता भीख मांगने के कगार में पहुंच चुके हैं तो वहीं धनेश्वर बरेट परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य होने के कारणों स हाथ पाव से लाचार होकर किसी काम का नहीं रह और उनके तीन बच्चे और पत्नी आज दर दर की ठोकर खाने के लिए विवश हैं शासन प्रशासन तक उनकी दर्द भरी आवाज क्यों नहीं पहुंच रही है यह  हम लगातार आज की जनधारा अखबार के माध्यम से इन दोनों मजदूर परिवार के दयनिय तथा बदकिस्मत भविष्य को लेकर लगातार शासन के कानों तक समस्या को आधार बनाकर गरीब व असहाय परिवार को आर्थिक मदद के लिए प्रयास कर रहे हैं उक्त गंभीर करंट कांड को हुए 40 दिनों से भी अधिक गुजरने को है इसके उपरांत भी कहीं से भी इन परिवारों का भला होते नहीं दिखाई पड़ रहा है