जुमा की नमाज किसी भी मस्जिद में नहीं होगी, मुस्लिम समुदाय भी एहतियात बरतने की अपील

 जुमा की नमाज किसी भी मस्जिद में नहीं होगी, मुस्लिम समुदाय भी एहतियात बरतने की अपील


भिलाई। कोरोना वायरस के प्रसार की आशंका को देखते हुए मुस्लिम समुदाय भी एहतियात बरतने की अपीलें जारी कर रहा है। 27 मार्च को शुक्रवार की दोपहर जुमा की नमाज किसी भी मस्जिद में नहीं होगी। इसके लिए बाकायदा आडियो-वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर और प्रसार माध्यमों से जारी किया गया है। इसी तरह कब्रिस्तान हैदरगंज कैम्प-2 में मैय्यत के दफन के दौरान अधिकतम 20 लोगों को अंदर आने की इजाजत होगी। इस आशय का निर्देश कब्रिस्तान इंतेजामिया कमेटी की ओर से गेट पर भी लगा दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मस्जिदों में रोजाना की फर्ज नमाज बा-जमाअत पहले ही बंद कर दी गई है और लोगों से घरों में नमाज पढ़ने कहा गया है। वहीं माइक से अजान भी बंद कर दी गई है। 27 मार्च को जुमा की नमाज को देखते हुए गुरुवार को जामा मस्जिद सेक्टर-6 के इमामो खतीब हाफिज मुहम्मद इकबाल हैदर अशरफी ने अपील जारी की है। जिसमें उन्होंने बताया है कि इज्तेमाई तौर पर जुमा की नमाज कायम नहीं की जाएगी इसलिए सभी से अपने-अपने घरों में दोपहर के वक्त जुहर की नमाज अदा करने अपील की गई है। ऐसी ही अपील शहर की दूसरी मस्जिदों से भी जारी की गई है। इसी तरह कब्रिस्तान इंतेजामिया कमेटी कैम्प-2 के सदर शमशीर कुरैशी ने जारी अपील में कहा है कि मुल्क व समाज के हित को देखते हुए कम से कम तादाद में मैयत दफन करने कब्रिस्तान पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की आशंका और धारा-144 व लॉक डाउन के मद्देनजर कब्रिस्तान में एहतियात बरता जाए। प्रशासनिक निर्देश के मुताबिक शहर में मैयत होने पर कब्रिस्तान हैदरगंज में दफन करने सिर्फ 20 लोगों को आने की इजाजत होगी। इस संबंध में इंतेजामिया कमेटी की ओर से कब्रिस्तान के गेट पर नोटिस भी लगा दी गई है। मस्जिद हजरत बिलाल हुडको के मुतवल्ली/सदर शाहिद अहमद रज्जन ने भी जानकारी दी है कि 14 अप्रैल तक मस्जिद में लाउड स्पीकर से अजान नहीं दी जा रही है और फर्ज व जुमा की नमाज बाजमाअत नहीं होगी। उन्होंने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए किए जा रहे सरकारी उपायों पर सहयोग की अपील की है।