breaking news New

ग्रामीण पारम्परिक हथियार के साथ कड़कती ठंड में आमदई खदान को बंद करने की मांग को लेकर डटे हुए हैं

ग्रामीण पारम्परिक हथियार के साथ कड़कती ठंड में आमदई खदान को बंद करने की मांग को लेकर डटे हुए हैं

नारायणपुर, 3 जनवरी। नारायणपुर जिले के आमदई में पिछले 4 दिनों से 84 परगना के हजारों ग्रामीण पारम्परिक हथियार के साथ कड़कती ठंड में आमदई खदान को बंद करने की मांग को लेकर डटे हुए हैं वहीं आमदई की पहाड़ी पर तैनात पुलिस केम्प को जब तक हटाया नहीं जाएगा तब तक आंदोलन जारी रखने की बात ग्रामीण कह रहे है । वहीं शनिवार को ग्रामीणों से बातचीत कर समझाने के लिए एसडीएम अपनी टीम के साथ पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों और एसडीएम के बीच वार्ता विफल रही और ग्रामीणों ने आज रविवार से नारायणपुर ओरछा मार्ग पर चक्काजाम करने के साथ ही पहाड़ी ऊपर तैनात फोर्स के जवानों के राशन पानी को भी नहीं जाने दे रहे है ।

 ग्रामीण किसी भी तरह से अपनी मांगों को प्रशासन से मनवाना चाहते है क्योंकि ग्रामीणों का कहना है कि धौड़ाई में 5 दिन चले आंदोलन को जिला प्रशासन ने राज्य सरकार तक हमारी बात पहुचाने और सरकार से मिली जानकारी 15 दिनों में बताने की बात कही थी लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई पहल नहीं की तो हमे फिर आंदोलन के लिए उतरना पड़ा । हम राजपुर के झारा से रैली निकालकर पैदल नारायणपुर आया रहे थे 3 दिनों तक पैदल चलकर फरसगांव पहुचने के बाद 28 दिसम्बर को प्रशासन ने फिर हमारे दल से बातचीत के लिए नारायणपुर बुलाये जहा घंटों की बातचीत के बाद आमदई खदान के दस्तावेज देने और उसके अध्ययन के लिए कर एक माह बाद बातचीत फिर करने की बात हुई साथ ही इस दौरान आमदई में कार्य बन्द रहने की बात कही गई थी लेकिन जब हमारे लोगो ने यहां 29 दिसम्बर को आके देखा तो पुलिस केम्प पहाड़ी पर तैनात ओर निकों कम्पनी के लोग वहां मौजूद थे और हमे यहां नहीं आने की धमकी देने लगे जिसके बाद सभी ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि जब तक पुलिस पहाड़ी से नहीं उतरेंगे तक तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा । 


ग्रामीणों का कहना है कि जिला मुख्यालय से करीब 48 किलोमीटर दूर आमदई घाटी में शुरू निको जायसवाल कम्पनी के कार्य सहित उपर में स्थित पुलिस कैम्प को हटाने की मांग को लेकर हम सभी ग्रामीण पिछले तीन दिनों से आमदई घाटी में विरोध प्रदर्शन कर रहे है। हमारी मांग सुनने सहित हमसे वार्ता के लिए एसडीएम दिनेश नाग आमदई घाटी में पहुंचे थे। जहां एसडीएम ने हमे पुरानी ही बात का आश्वान की हमारी बात कलेक्टर व एसपी सहित राज्य सरकार तक पहुचाने की बात कहने लगे जो कि पिछले वार्ता में कलेक्टर व एसपी ने कही थी । जब तक हमारी मांग पूरा नहीं होती तब तक आमदई घाटी में डटे रहने सहित रविवार आज से ओरछा मार्ग में चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन करने के साथ ही फोर्स का राशन भी नही जाने देंगे । बुजुर्ग ग्रामीण का कहना है कि आमदई पहाड़ी में 84 परगना के देवी देवता निवास करते है जो हमारे पूजनीय है हमारी आदिकाल से चली आ रही संस्कृति को ऐसे कैसे नष्ट होने देंगे । ये जल , जंगल , जमीन , पहाड़ी हमें वनोपज , जड़ी बूटी देते है जिनसे हमारा जीवन चल रहा है हम खदान शुरू होने नहीं देंगे ।