ताजा कोरोना बुलेटिन : ताली बजाई थी तब 471 मरीज थे, बढ़कर 3378 हो गए, क्या दीपदान कोरोना से लड़ने में कारगर साबित होगा!

ताजा कोरोना बुलेटिन : ताली बजाई थी तब 471 मरीज थे, बढ़कर 3378 हो गए, क्या दीपदान कोरोना से लड़ने में कारगर साबित होगा!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के खिलाफ जंग के लिए सभी देशवासियों को एकजुटता दिखने के लिए अपने-अपने घरों के बाहर दीये जलाने की अपील की थी. जिसका मकसद कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित करना था. उसी के अनुसार आज लोग रात्रि 9 बजे दीप, थाल, प्रकाश, टॉर्च इत्यादि लेकर तैयार हो गए थे.

प्रधान संपादक सुभाष मिश्र ने अपने लेख में कहा है कि जिस दिन हमने ताली बजाई थी, उस दिन देश में कोरोना के 471 मरीज थे और 4 मृत्यु हुई थी, आज उनकी संख्या बढ़कर 3378 हो गई है और 83 लोगों की मृत्यु हुई है. तो क्या कोरोना ऐसे प्रपंचों से भाग सकेगा!

हालांकि अनुमान है कि आज दीपदान के बाद अकेले रायपुर में 50 हजार यूनिट से ज्यादा की बिजली बचत हुई है. छत्तीसगढ़ में रात नौ बजते ही आमजनों ने अपने घर की लाइटिंग बंद कर दी और दीए में तेल बाती डालकर उसे वैसे ही जलाया जैसे दीपावली पर एक लाईन में जलाते हैं. देख सकते हैं तस्वीरें. हालांकि कुछ लोगों ने कोरोना के खिलाफ नारे लगाए और पटाखे भी फोड़े जिसकी खासी आलोचना हो रही है. पिछली बार भी जब तालियां और शंख बजाए गए थे तो कुछ उत्साही लोग सड़कों पर आकर प्रदर्शन किए थे जिसकी खूब ​आलोचना हुई थी. और आज कुछ लोगों ने पटाखा छोड़ने की मूर्खता दिखाई. एक बात और दिखी कि परिवार के लोग डिस्टेंसिंग मैंटेन नही कर रहे थे.

इस आहवान का जहां भाजपा ने स्वागत किया था, वही कांग्रेस ने बहिष्कार ​किया था. कांग्रेस का तर्क है कि जब कोरोना से इतनी मौतें हुई हैं तब दीप जलाना उनका अपमान करने जैसा होगा. लेकिन भाजपा नेता सांसद रामविचार नेताम, शिवरतन शर्मा, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, डॉ. रमनसिंह, संगठनमंत्री पवन साय, भाजपा नेता लोकेश कावड़िया इत्यादि नेताओं ने जनता से दीपदान करने की अपील की थी. इन नेताओं ने भी अपने निवास पर दीए जलाकर कोरोना को परास्त करने की एकजुटता का संदेश दिया.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी अपने परिवार के साथ राष्ट्रपति भवन के बाहर हाथ में मोमबत्ती लेकर खड़े हुए दिखाई दिए।   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मोमबत्ती और दीए जलाकर प्रधानमंत्री मोदी की अपील का समर्थन किया।
   
भारत सरकार ने मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन के निर्यात पर पाबंदी और सख्त कर दी है। सरकार का आदेश है कि किसी भी सूरत में इस मेडिसिन का एक्सपोर्ट नहीं होना चाहिए। इसके लिए विशेष आर्थिक क्षेत्रों की इकाइयों को भी रोक के दायरे में शामिल कर दिया गया है.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय से राज्य में कोरोना से संक्रमित पहली युवती से दूरभाष पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना। युवती ने बताया कि वह अब पूरी तरह स्वस्थ्य है। घर में गाईड लाईन के अनुसार क्वरेंटाईन का पालन कर रही है। युवती ने मुख्यमंत्री से कहा कि यहां मेडिकल टीम और राज्य शासन से भरपूर सहयोग मिला।

छत्तीसगढ़ में अब मात्र 02 मरीज ही एम्स में बचे हैं जिनका इलाज चल रहा है. अब तक सात लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं.

आज भी कोरोना को हमने भारी कीमत चुकाई है. 3577 कुल केस, 274 ठीक हुए, 83 की मौत.