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पहली बार प्रदेश में विश्व आदिवासी दिवस पर 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया जिसके लिए भूपेश सरकार बधाई के पात्र.

 पहली बार प्रदेश में विश्व आदिवासी दिवस पर 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया जिसके लिए भूपेश सरकार बधाई के पात्र.

 जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा ने विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई दी, और कहा आदिवासी अंचलों में प्रशासनिक तंत्र मजबूत सरकार और व्यवस्था के प्रति विश्वास का नया दौर.

 भारत सरकार की संस्था ट्रायफेड द्वारा 6 अगस्त को छत्तीसगढ़ को लघु वनोपज की खरीदी और इससे संबंधित अन्य व्यवस्थाओं के लिए 11 राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए, यह आदिवासी अंचलों के साथ पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात.

 नई प्रशासनिक इकाइयों के गठन से लोगों को अपनी भूमि खेती-किसानी से संबंधित काम बच्चों की पढ़ाई नौकरी या रोजगार से संबंधित कामों के लिए आसानी होगी.

 भूपेश सरकार ने वन अधिकार मान्यता पत्रधारी परिवारों के खेतों में उपजे धान को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की देवगाड़ी और घोटूल स्थलों का विकास कर आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा दिया.

 नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बहाल करने के लिए करोड़ों रुपए की लागत से सड़कों का निर्माण कराया, आदिवासी अंचलों को सैकड़ों ऐसी सड़के मिली जिसका इंतजार दशकों से कर रहे थे.

 आदिवासियों को न्याय दिलाने का सिलसिला शुरू हो गया, राज्य में वनों पर आधारित उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए वनांचल उद्योग पैकेज लागू किया गया.

 आदिवासी अंचलों में स्वास्थ शिक्षा और रोजगार सबसे बड़ी जरूरत इस दिशा में प्राथमिकता से काम शुरू किया गया, यूएनडीपी और नीति आयोग ने मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की तारीफ की, और अन्य आकांक्षी जिलों को इस अभियान को अपनाने की सलाह दी. 

 शिक्षा के लिए भूपेश सरकार ने संकटग्रस्त क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस किया, पढ़ाई तुंहर पारा अभियान के तहत 13 वर्षों से बंद स्कूल बीते साल खोले गए. कोरोना की तीसरी लहर से सावधान रहने की अपील. एवं राम के रास्ते पर चलते हुए सड़कों का निर्माण.