कोरोना महामारी से जूझ रहे दुनिया में 200 से ज्यादा देश, इस पर लगाम के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन बना रहा योजना

कोरोना महामारी से जूझ रहे दुनिया में 200 से ज्यादा देश,  इस पर लगाम  के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन बना रहा योजना

 

नईदिल्ली।  आज विश्व भर के  200 से ज्यादा देश कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं।   इस समय में सात अप्रैल को मनाया जाने वाले विश्व स्वास्थ्य दिवस का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। आज ही के दिन साल 1948 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना हुई थी।   इस दिवस की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा ही साल 1950 में की गई थी। आइए जानते हैं इस खास दिवस के पीछे क्या है :

प्रत्येक  वर्ष  7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्थापना दिवस की वर्षगांठ पर विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन, जिसे हम शॉर्ट में डब्ल्यूएचओ के नाम से जानते हैं, यह यूनाइटेड नेशन यानी संयुक्त राष्ट्र का हिस्सा है। इसका प्रमुख कार्य विश्व में स्वास्थ्य समस्याओं पर नजर रखना और इसके निवारण में मदद करना है।

WHO  यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को हुई थी। इस संस्था का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में है। डब्ल्यूएचओ की स्थापना के समय इसके संविधान पर विश्व के 61 देशों ने हस्ताक्षर किए थे और इसकी पहली बैठक 24 जुलाई 1948 को हुई थी।

विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने की शुरुआत साल 1950 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य और उससे जुड़ी समस्याओं पर विचार-विमर्श करना है। पूरे विश्व में समान स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के बारे में जागरूकता फैलाने के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी अफवाहों और मिथकों को दूर करना भी इसका उद्देश्य है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी स्थापना काल से अबतक स्मॉल चिकेन पॉक्स जैसी बीमारी को खत्म करने में बड़ी जिम्मेदारी निभाई है। भारत सरकार ने भी पोलियो जैसी महामारी को खत्म किया गया है। फिलहाल डब्ल्यूएचओ टीबी, एचआईवी, एड्स और इबोला जैसी जानलेवा बीमारियों की रोकथाम के लिए काम कर रहा है।  वर्तमान  में कोरोना जैसे संक्रमण पर नियंत्रण करने के लिए कई देशों  के साथ मिलकर विश्व स्वास्थ्य संगठन काम कर रहा है। 

chandra shekhar