कोरोना सैंपल की जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए प्रदेश में अब पूल टेस्टिंग की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.

कोरोना सैंपल की जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए प्रदेश में अब पूल टेस्टिंग की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.

रायपुर, 15 अप्रैल | उक्त खबर की पुष्टि आज सुबह प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टी. एस. सिंहदेव ने एक ट्वीट के माध्यम से भी दी. विशेषज्ञों की मानें तो पुल टेस्टिंग के माध्यम से एक साथ 5 सैंपल की जांच हो सकेगी.छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है जिसे देखते हुए लैब द्वारा किए जा रहे टेस्ट की संख्या बढ़ाना बहुत जरूरी है. हालांकि सकारात्मक तौर पर देखें तो मामलों की संख्या अब भी कम है.

किट की भारी कमी को देखते हुए, परीक्षण किए गए किट की संख्या को कम करने के लिए संदिग्ध कोरोना वायरस रोगियों के नमूनों का ‘पूल परीक्षण’ किया जायेगा.इस प्रक्रिया में एक परीक्षण में कई स्वैब नमूनों का परीक्षण शामिल होता है. यदि संयुक्त नमूना कोरोना वायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण करता है, तो नमूनों को व्यक्तिगत रूप से यह निर्धारित करने के लिए परीक्षण किया जाता है कि संक्रमण किसको है

. यह व्यक्तिगत नमूनों के परीक्षण की तुलना में उपयोग किए गए परीक्षण किटों की संख्या को कम करता है.छत्तीसगढ़ टाइम्स से बातचीत के दौरान एक विशेषज्ञ ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत ‘प्रति परीक्षण किट में पांच नमूने उपयोग किए जाते हैं. इसलिए, 100 नमूनों के परीक्षण के लिए 25 से कम किट का उपयोग किया जा रहा है.