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अयोध्या में दीपोत्सव के लिये सभी तैयारिया पूरी

अयोध्या में दीपोत्सव के लिये सभी तैयारिया पूरी

अयोध्या, 7 नवम्बर।  भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में रामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला के दरबार में राज्याभिषेक के लिये दीपोत्सव मनाने की तैयारी पूरी कर ली गयी है।

आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यहां बताया कि कोविड-19 की गाॅइडलाइन के अनुसार दीपोत्सव का पर्व मनाया जायेगा। इस सम्बन्ध में मंडलायुक्त एम.पी. अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव गुप्त, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार, अपर जिलाधिकारी नगर डॉ. वैभव शर्मा समेत सभी अधिकारियों के साथ कई बैठकें सम्पन्न हुईं है। बैठक में कोविड-19 की गाइड लाइन के अनुपालन के साथ ही दीपोत्सव पर्व को मनाने की तैयारी की जा रही है।

जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने यहां बताया कि विभागों को यह निर्देश दिये गये हैं कि चतुर्थ दीपोत्सव 11, 12 और 13 नवम्बर को आयोजित किये जायेंगे।

उन्होंने बताया कि रामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला मंदिर निर्माण के लिये भूमि पूजन के बाद होने जा रहे राम की पैड़ी में एक साथ साढ़े पांच लाख दिये जलाने का रिकार्ड भी गिनीज बुक में दर्ज कराया जायेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रामकथा पार्क में भगवान राम व देवी जानकी समेत अनुज लक्ष्मण के स्वरूपों का स्वागत करेंगे व श्रीराम की राजतिलक भी करेंगे।

श्री झा ने बताया कि तीन दिवसीय दीपोत्सव के मुख्य समारोह का आयोजन छोटी दीपावली 13 नवम्बर को होगा, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीपोत्सव में भाग लेंगे। इस मौके पर कोविड के नियमों का कड़ाई से पालन किया जायेगा। जिला प्रशासन के लिये बड़ी चुनौती होगी। दीपोत्सव में दर्शकों का प्रवेश निषिद्ध होगा। फिर भी एक निश्चिय दायरे में लोगों को आने की अनुमति दी जायेगी।

अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रविशंकर सिंह ने बताया कि यह चुनौती बड़ी है। गाइड लाइन का पालन पूरी तरह होने की योजना बनायी गयी है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर के अलावा पन्द्रह महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के अलावा सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं के आठ हजार स्वयंसेवक व दो हजार रिजर्व स्वयंसेवक शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि सभी संस्थाओं व महाविद्यालय के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया है कि वह स्वयंसेवकों का चयन करते समय यह ध्यान रखें कि कोई भी संक्रमित न चयनित हो।

उन्होंने बताया कि सभी को सेनिटाइजर व मास्क दिये जायेंगे। इससे पहले आयोजन स्थल पर सभी की थर्मल स्क्रीनिंग भी होगी। विश्वविद्यालय में एम.पी.एच. की ट्रेनिंग लेने वाले चिकित्सकों के समूह के साथ स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम भी रहेगी।

विश्वविद्यालय की ओर से दीपोत्सव के नोडल अधिकाारी बनाये गये प्रोफेसर. शैलेन्द्र वर्मा ने बताया कि इसी सिलसिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भेंटकर इस पर विचार-विमर्श भी किया गया है।

दीपोत्सव के लिये पर्यटन विभाग की ओर से राम की पैड़ी के मंदिरों व भवनों को एक रंग में रंगने का कार्य शुरू करा दिया गया है। राम की पैड़ी के सभी मंदिर व भवन नये सिरे से एक ही रंग में रंगने के बाद भव्य स्वरूप प्रस्तुत करेंगे। दीपोत्सव के आगंतुकों अतिथियों के लिये यह आकर्षण का विशेष केन्द्र रहेगा। इस बीच पैड़ी के घाटों व बुर्जों की भी मरम्मत कराकर उन्हें व्यवस्थित किया जा रहा है। मुख्य नहर में पानी अनवरत चलने लगा है। आयोजन के उद्घाटन के लिये भी मंच का निर्माण शुरू हो गया है वहीं सरयू द्वार घाट पर मुख्यमंत्री समेत वीआईपी की ओर से माँ सरयू की आरती के लिये अस्थाई चबूतरा भी बनकर तैयार हो गया है।

मंडलायुक्त एम.पी. अग्रवाल व जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के निर्देशन में अयोध्या दीपोत्सव के भव्य आयोजन की तैयारी शुरू हो गयी है। वहीं साकेत महाविद्यालय में सूचना व संस्कृति विभाग के समन्वय व झांकी तैयार हो रही है। मुख्य विकास अधिकारी प्रथमेश कुमार ने साकेत महाविद्यालय का भ्रमण कर झांकी की तैयारी की जानकारी करने के बाद उन्होंने बताया कि झांकी में मुख्य रूप से पुत्येष्ठी यज्ञ, गुरुकुल शिक्षा, रामसीता विवाह, अहिल्या उद्धार, पंचवटी, रामेश्वरम् सेतु, पुष्पक विमान, केवट प्रसंग, राम दरबार, माता शबरी, राम मिलन व लंका दहन शामिल है। उन्होंने बताया कि दीपोत्सव में इन झांकियों की शोभा यात्रा निकाली जायेगी।

अयोध्या में 11 नवम्बर व 13 नवम्बर को दीपोत्सव का आयोजन होगा। जिसमें 11 नवम्बर को भगवान राम के जीवन पर आधारित झांकी, 12 नवम्बर को रामकथा व 13 नवम्बर को दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। इस बार फिर से दिये जलाने का विश्व रिकार्ड बनेगा जो गिनीज बुक में दर्ज किया जायेगा, जब सरयू के घाट पर पांच लाख इक्यावन हजार दिये जलाये जायेंगे। पिछले साल साढ़े चार लाख दिये जलाये गये थे।