सोशल डिस्टेंस का पालन कर समाजिक पदाधिकारी फैला रहे जागरूकता

सोशल डिस्टेंस का पालन कर समाजिक पदाधिकारी फैला रहे जागरूकता

दंतेवाड़ा, 6 अप्रैल। नक्सल प्रभावित क्षेत्र चोलनार जहां प्रवेश करते ही चौक पर बने यात्री प्रतिक्षालय की दिवारों पर नक्सली नारे देखे जा सकते हैं। बावजूद इसके इस गांव में इन दिनों कोराना वायरस का दहशत है। पूरा गांव कोरोना को लेकर सचेत, सतर्क, सावधान है और ग्रामीण संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक भी है। इस बात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यात्री प्रतिक्षालय में एक ओर जहां नक्स्ली नारे लिखे हुए हैं जो वहीं, दूसरी ओर ग्रामीणों ने कोरोना स बचाव के लिए जरूरी संदेश लिख दिया है।

कोरोना के रोकथाम के लिए सरकार ने लॉक डाउन किया है। लोग बेवजह घर से बाहर न निकले इसके लिए पुलिस तैनात की गई है, इसके बावजूद पुलिस को लाठियों का सहारा लेना पड़ा है। इसके ठीक विपरीत छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल इलाके बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपने अपने गांव के बाहर नाका लगा रखा है। गांव में किसी भी बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश निषेध किया गया है। वहीं, सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों द्वारा ग्रामीण इलाकों में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जागरूकता के लिए एक टीम बनाई गई है। इस टीम का नाम सतत निगरानी दल रखा गया है।

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जागरूकता के लिए टीम पूरे गांव का दौरा कर रही है और ग्रामीणों में जागरूक करने का काम कर रही है। सर्व आदिवासी समाज के द्वारा स्थानीय बोली गोंडी भाषा में ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही है, जिससे गांव के लोग जल्दी समझ रहे हैं।

ऐसे ही एक गांव का हमारी टीम ने दौरा किया जहां पर सर्व आदिवासी समाज ग्रामीणों की बैठक ले रहे थे। हम भी देखकर अचंभित रह गए। गांव में जो बैठक चल रही थी, उसमें सोशल डिस्टेंस का पूरा ख्याल रखा गया था। लोग दूर-दूर बैठे हैं और समाज के पदाधिकारी उन्हें कोरेाना को लेकर जागरूक कर रहे थे।

गांव में सभी शादी विवाह टाल दिया गया है

पंडुम त्योहार मनाने वाले ग्रामीण आदिवासी समाज ने इसे भी फिलहाल स्थगित कर दिया है । इतना ही नही गांव के लोगों ने बताया कि उनके गांव के करीब 20 से 25 लोग दूसरे राज्यों में हैं। काम करने के लिए गए हुए थे। गांव वालों ने उन्हें वही रुकने की सलाह दी है। वो भी अभी बेहतर है, लेकिन कोरोना की वजह से उन्हें गांव आने के लिए मना किया गया है। बाकायदा उनसे फोन पर बात की जाती है और उन्हें किसी तरीके से वहां पर भी कोई तकलीफ नहीं है हालचाल लिया जाता है।

जिला कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के मुताबिक जिले में कोरोना से संक्रमित फिलहाल कोई नहीं है, लेकिन इस लड़ाई के लिए उनकी पूरी तैयारी है। आइसोलेशन वार्ड बनण्ये गए हैं। बाहरी राज्यो से आए मजदूरों को चिन्हित कर उनके लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है। अपने जिले के करीब 2200 मजदूर अन्य राज्यों में हैं। उनका भी फोन से संपर्क किया जा रहा है।