breaking news New

एक्जिट पोल : कांग्रेस मुक्त भारत अभी नही..तमिलनाडु—असम में कांग्रेस का जोर..भाजपा से कड़ी टक्कर, पुददुचेरी में भाजपा, केरल में लेफट राज, बंगाल में दीदी..देखिए अभी तक के एक्जिट पोल

एक्जिट पोल : कांग्रेस मुक्त भारत अभी नही..तमिलनाडु—असम में कांग्रेस का जोर..भाजपा से कड़ी टक्कर, पुददुचेरी में भाजपा, केरल में लेफट राज, बंगाल में दीदी..देखिए अभी तक के एक्जिट पोल

जनधारा समाचार
नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में आज आखिरी चरण का मतदान खत्म हो गया. 2 मई को पश्चिम बंगाल समेत असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में वोटों की गिनती होगी. इन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी? हम आपको 5 प्रदेशों के नतीजों का महा एक्जिट पोल बता रहे हैं. सबसे बड़े राज्य पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने से भाजपा चूक सकती है, वहां पर दीदी का जलवा यानि सरकार कायम रहने की संभावना है. असम में भी भाजपा को कांग्रेस गठबंधन कांटे की टक्कर देता नजर आ रहा है. तमिलनाडु में भी डीएमके की सरकार बनती दिख रही है जिसे कांग्रेस का समर्थन हासिल है. पददुचेरी में कांग्रेस को तगड़ा झटका मिल सकता है. वहां पर भाजपा का कमल खिल सकता है. केरल में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच कांटे की टक्कर है.


रिपब्लिक सीएनएक्स की मानें तो पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर होती दिखाई दे रही है. बंगाल में बीजेपी को 138 से 148 सीटें मिल रही हैं जबकि टीमएसी को 126 से 136 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं कांग्रेस को मात्र 6 से 9 सीटें मिलेंगी जबकि अन्य के खाते में 1 से 3 सीटें जा रही हैं. लेकिन एबीपी सी वोटर की मानें तो पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएससी फिर से बढ़त बना रही है.



आपको बता दें कि साल 2016 में पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने 294 सीटों में से 211 सीटों पर जीत हासिल की थी और कांग्रेस ने 76 सीटों पर कब्जा किया था. भारतीय जनता पार्टी को सिर्फ 3 सीटों पर जीत मिली थी. इसके अलावा 4 सीटों पर अन्य ने अपनी जीत हासिल की थी. लेकिन इस साल पिक्चर अलग हैं. चुनाव प्रचारों में मोदी लहर साफ देखने को मिली. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि बंगाल में बीजेपी इस बार कड़ी टक्कर देने की स्थिति में है.

इंडियाटुडे एक्सिस के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी असम में सरकार बनाती दिखाई दे रही है. साल 2016 के चुनावी नतीजों की बात करें तो असम में 126 सीटें हैं और यहां पिछले चुनाव में बीजेपी नीत एनडीए ने 86 सीटें जीती थीं और कांग्रेस नीत यूपीए ने 26 सीटों पर कब्जा जमाया था. एआईयूडीएफ ने 13 सीटों पर जीत हासिल की थी.