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मीठा, बंगला और कपूरी की फसल कमजोर, पान में 5 रूपये की तेजी

मीठा, बंगला और कपूरी की फसल कमजोर, पान में 5 रूपये की तेजी


राजकुमार मल

भाटापारा- बेहद साधारण माना जाने वाला पान भी महंगाई की चपेट में आ चुका है। 5 रुपए की आई तेजी से, शौकीन नाराज तो दिखाई दे रहे हैं लेकिन नाराजगी पर शौक भारी है, लिहाजा नई कीमत पर भी पान खरीदा जाने लगा है।

बमुश्किल से चार या पांच उपभोक्ता के लिए जगह वाली पान की दुकानों में यह संख्या फिर से कम होने लगी है। एक बार फिर से याने कोरोना के पहले दौर में सोशल डिस्टेंस बेहद अहम था। कोरोना अब भी मौजूद है लेकिन सोशल डिस्टेंस के मायने इसलिए बदल गए हैं इस दुकान में, क्योंकि पान में 5 रुपए की तेजी शौकीनों को रास नहीं आ रही है। इसलिए फिलहाल यह दूरी बनाई जा रही है।

इसलिए आ रही तेजी

पान पत्ता कारोबारियों के अनुसार पश्चिम बंगाल के पान उत्पादक क्षेत्र में नई फसल की गुणवत्ता अपेक्षाकृत काफी कमजोर है। इसका असर कीमत में तेजी के रूप में सामने आ रहा है। कमजोर फसल के बावजूद मांग का चौतरफा दबाव भी तेजी की दूसरी वजह बन चुका है। वैसे भी मांग के अनुरूप सप्लाई कमजोर बताई जा रही है।

इस कीमत पर पत्ते

शौकीनों के बीच मीठा पान हमेशा से पसंद की पहली पंक्ति पर रहता आया है। तेजी के बाद भी यह क्रम बरकरार है। इस समय मीठा पान 600 से 700 रुपए सैकड़ा पर चल रहा है। ताजा तेजी के पहले यह 50 रुपए नीचे था। कपूरी पान 70, 80 ,90 और 100 रुपए सैकड़ा पर मिल रहा है। चार कीमत इसलिए क्योंकि क्वालिटी भी चार किस्म की आ रही है। बंगला पान की नई दर 250 रुपए सैकड़ा पर पहुंच गई है। इसमें तेजी  आगे भी बने रहने के आसार हैं।


15 रुपए में पान बीड़ा

पत्तों में आई गर्मी के बाद सादा मसाला के साथ मीठा पान 15 रुपए में खरीदा जा सकेगा। यदि यही पान, मीठा मसाला के साथ चाहिए तो  20 रुपए लगेंगे। बंगला पान 10 रुपए में लिया जा सकेगा। मीठा मसाला के साथ इसकी बिक्री 15 रुपए में की जा रही है। कपूरी पान भी सादा 10 रुपए, तो मीठा मसाला के साथ 15 रुपए में बेचा जा रहा है। कारोबारी सूत्र इसमें आने वाले दिन तेजी के ही बने रहने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं क्योंकि पर्व और त्योहारों में पूजा की भी मांग रहेगी।