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9 अगस्त कांग्रेस का ऐतिहासिक दिन करो या मरो

9 अगस्त कांग्रेस का ऐतिहासिक दिन करो या मरो

भिलाई। छत्तीसगढ़ राज्य के पूर्व मंत्री बदरूदीन कुरैशी एवं शहर जिला सेवादल के साथियों ने केम्प -1 गांधी चौक में 9 अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के आदमकद प्रतिमा में बदरूदीन कुरैशी ,  तुलसी साहू , माल्यअर्पणकर मोमबत्ती जलाकर शहीदों को श्रद्धाजिली अर्पित किया ।

आज का दिन दुनिया के इतिहास में ऐतिहासिक दिन है इसी आंदोलन के बदौलत देश आजाद हुआ । कुरैशी ने अपने उदबोधन में 9 अगस्त सन् 1942 में द्वितीय विश्वयुद्ध में ब्रिटिश सरकार ने भारतीय नेताओं के परामर्श किए बिना भारत को युद्ध में सम्मिलित कर लिया । इस बात का गांधीजी ने विरोध किया और 9 अगस्त , 1942 को उन्होंने मुम्बई में करो या मरो का नारा देकर भारत छोडों आंदोलन का शुभारंभ किया गांधी जी और कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार कर पूना के आगा खाँ महल में नजरबंद कर दिया ब्रिटिश सरकार समझ गई कि अब भारत को ज्यादा दिन तक गुलाम नहीं रखा जा सकता फूट डालो और राज करो की नीति के तहत ब्रिटिश सरकार द्वारा जिन्ना और मुस्लिम लींग को साम्प्रदायिक आधार पर भारत के विभाजन के लिए प्रोत्साहित किया जाने लगा । अंत में 15 अगस्त 1947 को अंग्रेज सरकार ने भारत को दो भागों में बाटकर आजादी दे दी ।

कार्यक्रम में सज्जन प्रसाद दिक्षित , रामाविश्वकर्मा ,  जे.आर साहू , अनिल सुकुमार , नईम बेग , विश्वनाथ जायसवाल , वंदना पुरकैत , जवाहरलाल , एस टी नरायण , प्रकाश महापात्रा , गरीबदास , बलदेवसिंह , सुरेन्द्र , दुर्गा प्रसादसाहु , मुन्नीलाल शर्मा , राजेश सोनकर , शैलेस पानबुडे , दीदार भाई , कुसुम देवी , गायत्री देवांगल , सोनअली , अब्दुल कादिर सिद्धिकी , तोषार देवांगन , मुकेश देवांगन , नजमुनिशा आदि उपस्थित थे ।