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धान खरीदी केंद्र में चल रहा था तौल में हेरा फेरी, चांपा एसडीएम ने शिकायत पर दिखाई तत्परता

धान खरीदी केंद्र में चल रहा था तौल में हेरा फेरी, चांपा एसडीएम ने शिकायत पर दिखाई तत्परता

चांपा।  जिले में धान खरीदी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही है हालांकि कुछ मामलों की संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा कार्यवाही भी की गई है बावजूद धान खरीदी केंद्रों में प्रबंधकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है।

ताजा मामला बम्हनीडीह ब्लॉक अंतर्गत ग्राम लखाली का है जहां समिति प्रबंधक उमाशंकर चंद्रा के द्वारा किसानों से 40 किलो वाली प्रति बोरी में खरीदी के दौरान लगभग एक से डेढ़ किलो धान ज्यादा लेने की शिकायत मिली थी शिकायत के आधार पर जब मीडिया टीम लखाली धान मंडी में तौल संबंधित शिकायत पर जानकारी चाही तो उन्होंने जानकारी देने से मना कर अभद्र व्यवहार करते हुए मीडिया टीम को तुम कौन होते हो पूछने वाले कहा गया।

किसानों की शिकायत और परेशानी को देखते हुए जब मीडिया टीम ने मामले की शिकायत चांपा एसडीएम सुभाष राज से की किसानों को होने वाली समस्या संबंधित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चांपा एसडीएम ने तत्काल मौके पर जांच टीम भेजी जांच टीम के द्वारा मौके पर खरीदी की गई धान की बोरियों का वजन कराया गया जिसमें 700 से 800 ग्राम धान अतिरिक्त पाया गया।

 उल्लेखनीय है कि लखाली धान मंडी में अब तक 26000 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है और शिकायत की माने तो प्रत्येक क्विंटल धान की खरीदी के दौरान इसी तरह अधिक धान लिया गया है जांच टीम द्वारा जांच के दौरान मिले गए अधिक धान की मात्रा को यदि पैमाना माना जाए तो खरीदे गए कुल धान की मात्रा के अनुसार लगभग 390 क्विंटल धान महज तौल के दौरान ही ले लिया गया और इस धान की कीमत राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य के अनुसार लगभग 7,28,520 रुपये  की चपत अकेले लखाली मंडी के समिति प्रबंधक ने डकार दिए।

 अब सवाल यह है शासन के दिए गए निर्देश के अनुपालन में जिला प्रशासन के संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा धान खरीदी के दौरान किसानों से निर्धारित मानकता पर ही तौल कर खरीदने के कड़े निर्देश दिए हैं बावजूद इस तरह की गड़बड़ियां समिति प्रबंधक द्वारा किया जा रहा है आपको बता दे कि यह कोई जिले में पहला खरीदी केंद्र नहीं है जांजगीर जिले की जैजैपुर,बम्हनीनडीह और शक्ति क्षेत्र के अधिकांश खरीदी केंद्रों में यही आलम है।

 किसान मजबूर है किसान अपनी शिकायत किससे करें किसान जब अधिक धान लेने का विरोध करता है तो उसके धान को खरीदी केंद्र में रखकर परेशान किया जाता है अन्यथा किसान अपने प्रति कुंटल की खरीदी में डेढ़ से 2 किलो धान देने को मजबूर हो जाता है हालाकि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम चाम्पा सुभाष राज ने तत्परता दिखाते हुए खरीदे गए धान का निरीक्षण के लिए जांच टीम को मौके पर तलब किया जांच के दौरान भी लखाली समिति प्रबंधक की मनमानी सामने आई। अब देखना होगा कि इस पूरे मामले पर रिपोर्ट के आधार पर किस तरह की अग्रिम कार्रवाई होती है वही सवाल यह भी है मानकता से अधिक धान खरीदने वाले ऐसे समिति के प्रबंधकों पर कार्रवाई की कौन सी गाज गिरती है या इनकी मनमानी ऐसे ही चलती रहेगी ऐसे मामलों पर प्रशासन के संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि इस तरह अन्नदाताओं के ऊपर तौल के बहाने अधिक ना लिया जाए साथ ही प्रशासनिक कार्रवाई का भय भी समिति पर बना रहे।