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दिल्ली के शहीद किसान स्मारक में बस्तर के भूमकाल आंदोलन के शहीद भूमि की मिट्टी भी होगी शामिल

दिल्ली के शहीद किसान  स्मारक में बस्तर के भूमकाल आंदोलन के  शहीद भूमि की मिट्टी भी होगी शामिल


रायपुर, 3 अप्रैल। हालिया पारित  किसान, कृषि और आम उपभोक्ता विरोधी और कॉरपोरेट्स परस्त तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने, तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी देने आदि मांगों को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर पच्चीस नवंबर से जारी किसान आंदोलन को अब चार महीना से ज्यादा हो चुका है और इस दौरान   तीन सौ बाइस के करीब किसान अब तक अपनी प्राणों की कुर्बानी दी चुके हैं। किंतु  यह अहंकारी,  बहरी सरकार कार्पोरेट्स के हित में हठधर्मिता पर अड़ी है। दिल्ली की  सिंघु, टीकरी, गाजीपुर, शाहजहांपुर, पलवल आदि सीमाओं पर आंदोलन रत किसानों के द्वारा  अपने शहीद किसानों का स्मारक बनाने के लिए देश भर में मिट्टी सत्याग्रह के माध्यम से मिट्टी एकत्रित की जा रही है । यह मिट्टी 06 अप्रैल को सिंघु बार्डर तथा अन्य बार्डर पहुंचेंगी। शहीद किसान स्मारक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ में एकत्रित की जा रही मिट्टी में  बस्तर के महान आदिवासी सपूत, भूमकाल आंदोलन के महान नेता शहीद गुंडाधुर के ग्राम नेतानार की मिट्टी भी शामिल होगी।  

इस तारतम्य में आज अखिल भारतीय किसान महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक डॉ राजाराम त्रिपाठी तथा "छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज"  के  वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा बस्तर संभाग प्रभारी राजाराम तोड़ेम  तथा  "छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज" के बस्तर के कार्यकारी अध्यक्ष दशरथ कश्यप , बस्तर के महान आदिवासी क्रांतिकारी, भूमकाल आंदोलन के अगुआ शहीद गुंडा धूर के प्रपौत्र जयदेव धूर,कुलधर कश्यप, सुशील कुमार तथा अन्य  किसान उपस्थित रहे। सबसे पहले शहीद गुंडाधुर की प्रतिभा का नमन वंदन किया गया तत्पश्चात सर्वसम्मति से स्थानीय समाज पूर्व प्रमुखों के द्वारा पवित्र स्थल की मिट्टी उठाई गई। इस अवसर पर डॉक्टर राजाराम त्रिपाठी, राजाराम तोड़ेम तथा दशरथ कश्यप के द्वारा उपस्थित किसानों को इन कानूनों से  किसानों को तथा देश को होने वाले नुकसानों के बारे में भी बताया गया।

 इस मिट्टी को लेकर एक प्रतिनिधि मंडल इसे प्रदेश की राजधानी रायपुर छत्तीसगढ़ लेकर आज शाम रवाना हो गया है। इस मिट्टी को बस्तर के  किसान साथी 5 अप्रैल को दिन के 12 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन पर किसान नेता तेजराम विद्रोही व भाई मूलचंद साहू को सौपेंगे जिनके नेतृत्व में यह मिट्टी  06 अप्रैल को सिंघु बार्डर पहुँचेगी। इसके बाद एक बैठक आयोजित कर बस्तर से  आदिवासी सर्व समाज के किसानों का एक दल दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन में भाग लेने हेतु भी शीघ्र ही जाएगा।

उल्लेखनीय है कि  छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्यों तेजराम विद्रोही, जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, डॉ संकेत ठाकुर, पारसनाथ साहू, जनकलाल ठाकुर, शत्रुघन साहू तथा अन्य बहुसंख्य किसान नेताओं के संयुक्त नेतृत्व में समूचे  छत्तीसगढ़ में किसान धरना तथा धरना प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।  30 मार्च 2021 को दांडी गुजरात से मिट्टी सत्याग्रह यात्रा शुरू हुई है जो 6 अप्रैल को सिंघु बार्डर पहुँचेगी। छत्तीसगढ़ की धरती में ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ संघर्ष की महान परंपरा विद्यमान है इसलिए छत्तीसगढ़ के सभी शहीदी स्थलों की  मिट्टी भी एकत्र की जा रही है, जो कि दिल्ली सीमाओं पर शहीद किसानों के स्मारक का अंश बनेगी।