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योग से करें लटकती हुई तोंद को गायब

योग से करें लटकती हुई तोंद को गायब

पेट की चर्बी यानि बैली फैट घटाना किसी टास्क से कम नहीं होता। इसके लिए हैल्दी डाइट से लेकर जिम में खूब पसीना बहाते हैं लेकिन किसी से कोई खास फर्क नहीं पड़ा। ऐसे में योग पेट की चर्बी कम करने में आपकी मदद कर सकता है। दरअसल, योग मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। वजन कम करने में लिए हम यहां आपको कुछ आसन बताएंगे, जिन्हें आप अपने अभ्यास में शामिल कर सकते हैं।

क्यों बढ़ती है पेट की चर्बी?
पेट की चर्बी अतिरिक्त कोर्टिसोल, आंत से जुड़े लिम्फोइड ऊतक में जमाव और आंत माइक्रोबायोम के कारण होती है। अतिरिक्त कोर्टिसोल उच्च सूजन व खराब हार्मोनल संतुलन का कारण बनता है, जिससे तनाव, खराब पाचन क्रिया, कमजोरी इम्यूनिटी, हार्मोन का कम उत्पादन और मोटापे को बढ़ावा देता है।

सर्वांगासन या शोल्डर स्टैंड
सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस या गर्दन में कोई समस्या नहीं है वेट लूज के लिए बेफ्रिक होकर यह योग कर सकते हैं। शोल्डर स्टैंड छाती पर दवाब डालकर थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करता है। इससे ना सिर्फ बैली फैट कम होता है बल्कि पाचन, ब्लड सर्कुलेशन, लसीका, अंतःस्रावी और तंत्रिका तंत्र संतुलित रहते हैं।

कैसे करें ?
इसके लिए पीठ के बल लेट जाएं और फिर दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाते हुए समकोण बनाएं। कमर को जमीन से थोड़ा ऊपर उठाकर धड़ व पैर को गर्दन से 90 डिग्री तक लेकर जाएं। कमर को पकड़ लें, ताकि आप दिरे नहीं। थोड़ी देर इस स्थिति में रहने के बाद सामान्य हो जाए।

धनुरासन या धनुष मुद्रा
यह पीठ की कई समस्याओं से ठीक करने में मददगार है। साथ ही इससे पेट की मांसपेशियों मजबूत होती है। यह लीवर, अग्न्याशय और अधिवृक्क ग्रंथियों को टोन करता है, जिससे पाचन में सुधार होता है और वजन घटाने में मदद मिलती है।

कैसे करें?
इसके लिए पेट के बल लेट जाएं और घुटनों को मोड़कर टखनों को पकड़ लें। अब धीरे से अपने आप को ऊपर की ओर खींचें। अपनी पीठ को झुकाएं और छाती को फैलाएं। इस स्थिति में धीरे-धीरे सांस अंदर बाहर करें और फिर सामान्य हो जाएं।

त्रिकोणासन या त्रिभुज मुद्रा
त्रिकोणासन पाचन में सुधार, भूख को कंट्रोल, प्रजनन अंगों को टोन और  तंत्रिका तंत्र को संतुलित करता है। इसके नियमित अभ्यास से पेट, कमर और कूल्हों की चर्बी कम करने में मदद मिलती है।

कैसे करें?
इसके लिए पैरों के बीच की जगह के बीच छोड़ते हुए समबाहु त्रिभुज स्थिति में खड़े हो जाएं। अब दाहिने पैर को बाहर की ओर मुंह करके मोड़ें और उसे दाहिने हाथ से पकड़ें। अब बाएं हाथ को सिर के ऊपर उठाते हुए दाईं ओर झुकें। सुनिश्चित करें कि आपकी छाती में फैलाव हो। एक सामान्य गलती जो कई लोग करते हैं वो अपने हाथ को पूरी तरह नीचे की ओर ले जाते हैं, जिससे छाती बंद हो जाती है। इस स्थिति में कुछ देर रहने के बाद सामान्य हो जाएं।

नौकासन या नाव मुद्रा
बोट पोज बढ़ा हुआ तनाव और पेट की चर्बी कम करने का शानदार योग है। साथ ही यह अग्नि को बढ़ाकर पाचन को तेज करता है, जिससे पेट की चर्बी को जलाने में मदद मिलती है।

कैसे करें?
इसके लिए पैरों को सामने फैलाकर बैठें। फिर पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और बाजू को घुटनों की तरफ लाते हुए आगे की ओर आए। इस दौरान पैर और धड़ एक ही कोण पर होने चाहिए। ध्यान रखें कि रीढ़ की हड्डी सीधी हो। धीरे-धीरे सांस लें और इसे 3-4 बार दोहराएं।

कटि चक्रासन
यह एक गतिशील घुमा श्रृंखला है, जो कमर, कूल्हों, पीठ और पेट को टोन करती है। जो लोग पूरा दिन बैठे रहते हैं, उनके लिए यह योग बहुत फायदेमंद है।

कैसे करें?
इसके लिए बाजू को कंधे के स्तर पर दूसरी बाजू तक फैलाएं। एक गहरी सांस ले और जैसे ही आप सांस छोड़ते हैं, दाहिनी ओर मुड़ें। अब बाएं हाथ को दाहिने कंधे पर और दाएं हाथ को पीठ के पीछे लाते हुए चारों ओर लपेटें। जब आप वापस केंद्र की ओर घूमें तो सांस लें और फिर बाईं ओर दोहराएं। इसके कई राउंड धीरे-धीरे गहरी सांस के साथ करें और जितना हो सके मुड़ने की कोशिश करें।