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दादी -नानी के घरेलू नुस्‍खे : खांसी और गले में खिचखिच तो मानो इस मौसम में आम बात है

दादी -नानी के घरेलू नुस्‍खे : खांसी और गले में खिचखिच तो मानो इस मौसम में आम बात है

 दादी -नानी के घरेलू नुस्‍खे सदियों पुरानी भारत में प्रचलित है उनके बताये गए नुस्खों के सेवन से फायदा ही फायदा है। तेज सर्दी जहां ठिठुरन पैदा कर देती है, वहीं तेज सर्दी की वजह सर्दी, जुकाम, गले में खराश आदि के मामले भी अधिक देखने को मिलते है। खांसी और गले में खिचखिच तो मानो इस मौसम में आम बात है। लेकिन यह सर्दी और गले की परेशानी हमें बेचैन कर देती है। ऐसे में इस परेशानी में अगर हम घरेलू नुस्‍खे भी आजमाते हैं तो यह हमारे लिए फायदेमंद हो सकते है। आइए जानते हैं सदी, खांसी की चपेट में आने पर हम इन घरेलू नुस्‍खों को अपनाकर राहत पा सकते हैं।

नमक के गरारे

एक गिलास गर्म पानी और एक चम्‍मच नमक लें। गर्म पानी में नमक मिलाकर उससे गरारे करें। जब तक आराम न मिले, तब तक दिन में दो बार गरारे करें। जुकाम होने पर गले में खराश महसूस होती है। इस अवस्‍था में अगर गर्म पानी में नमक डालकर गरारे किए जाएं तो गले की खराश दूर होती है। पानी से गले का सूखापन दूर होता है, नमक संक्रमण को ठीक करता है।

लहसुन

लहसुन की दो कलियों को पीस लें और उसमें शहद मिलाकर खाएं। दिन में कम से कम दो बार ये खाएं। कई वैज्ञानिक शोधों में इस बात की पुष्टि की गई है कि जुकाम को ठीक करने में लहसुन सक्षम है। इसमें एंटीमाक्रोबियल और एंटीवायरल जैसे जरूरी तत्‍व होते हैं। इस कारण से यह जुकाम का कारण बनने वाले वायरस को खत्‍म करता है।

काली मिर्च

पानी के साथ काली मिर्च लेने से गले में बलगम बनना कम हो जाता है। इससे बार-बार छींक आने की समस्‍या भी कम होती है। खांसी से भी राहत मिलती है। आधा चम्‍मच ताजा काली मिर्च पाउडर को एक गिलास हल्‍का गुनगुना पानी में अच्‍छी तरह मिक्‍स कर लें। फिर इसे छान लें। इसे पी जाएं। दिन में कम से कम एक बार पीएं।

शहद

आप एक चम्‍मच शहद खाएं। इसके अलावा रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में शहद को मिलाकर पी लें। आप रोज कम से कम दो बार शहद लें। शहद में एंटीवायरल, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्‍सीडेंट जैसे कई गुण पाए जाते हैं। यह सर्दी-जुकाम से लड़ने और गले की खराश को ठीक करने में सक्षम है।

प्‍याज

एक लाल प्‍याज को छीलकर उसे टुकड़ों में काट लें। अब प्‍याज के टुकड़ों पर इतना शहद डाले कि वो पूरी तरह से ढक जाएं। फिर इन्‍हें एयर टाइट डिब्‍बें में बंद करके रातभर के लिए रख दें। अगली सुबह इन प्‍याज के टुकड़ों को खाएं। इसके सेवन से गले व छाती में जमा बलगम शरीर से बाहर निकल जाता है।

हल्‍दी का दूध

एक चम्‍मच हल्‍दी पाउडर को एक गिलास गर्म दूध में अच्‍छी तरह मिक्‍स कर दें। सोने से पहले यह दूध पीएं। जब तक जुकाम ठीक न हो जाए, रात को यह दूध पीएं। हल्‍दी में एंटीबायेटिक और एंटीऑक्‍सीडेंट गुण पाए जाते हैं। हल्‍दी वाला दूध पीने से जुकाम व खांसी में फायदा होता है।

दाल चीनी

आधा चम्‍मच दालचीनी पाउडर में एक चम्‍मच ऑर्गेनिक शहद डालकर अच्‍छी तरह मिक्‍स कर लें। अब इसे चाट लें। इसे दिन में कम से कम दो बार लें। दालचीनी में एंटीवायरल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इन गुणों के कारण यह सर्दी-जुकाम से राहत दिलाने में मदद करती है। सर्दी-जुकाम में यह नुस्‍खा कारगर होता है।

ग्रीन-टी

ग्रीन टी, एक ग्रीन टी बैग, एक कप गर्म पानी, शहद और नींबू का रस लें। ग्रीन टी बैग को कुछ देर के लिए गर्म पानी में डालकर छोड़ दें। बाद में इसमें स्‍वादानुसार शहद और नींबू का रस मिलाकर पीएं। जुकाम होने पर दो-तीन कप दिनभर में पीए जा सकते हैं। बंद नाक औश्र गले में खराश ठीक होती है।