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युवा पीढी का फास्ट फूड के प्रति तेजी सें रूझान

युवा पीढी का फास्ट फूड के प्रति तेजी सें रूझान

 बदलते परिवेश तथा वर्तमान दौर में अगर देखा जायें तों युवा पीढी का फास्ट फूड के प्रति तेजी सें रूझान बढ रहा है। भाग दौड भरी जिंदगी में युवाओं के पास इतना वक्त नही रह गया है कि वें सेहतमंद भोजन कर सके। वे इधर उधर कुछ भी खाकर अपना काम चला रहे है। 

गौरतलब हो कि आधुनिक रहन सहन तथा दौड धूप भरी जिंदगी में युवाओं के पास समय का भारी आभाव है। हालत यह है कि इस समय व्यस्तता अधिक होने के कारण जिंदगी में सब कुछ फास्ट हो गया है। इसी जल्दबाजी के चलते उन्हे भोजन की भी एक नई शैली फास्ट फूड के प्रति युवाओं का रूझान बढ रहा है। आजकल युवा अधिकतर घर का खाना न पंसद करनें लगे है और मौका मिलतें ही वें बर्गर, चाउमीन, एगरौल, पिज्जा, डोसा, आदि खाना पंसद कर रहे है।  आजकल शहरी क्षेत्रों में रहनें वाले युवाओं के पंसदीदा भेाजन में दाल, चावल रोटी व सब्जी नही बल्कि उस जगह बर्गर पिज्जा, छोले भटूरें समोसें आदि रोज मर्रा के भोजन में सामिल हो गयें है। जिससें शरीर को हानि हो सकती है। इतना ही नही फास्ट फूड भोजन करनें के कारण अधिकतर लोग हृदय रोग, एसीडिटी, कब्ज तथा अन्य पेट की बीमारियों का शिकार हो रहे है। फास्ट फूड शरीरिक स्वास्थ्य को ही नही बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते है। वहीं पर कुछ युवाओं से फास्ट फूड की बात की गई तो उन्होने बताया कि फास्ट फूड जल्दी बनते तथा उनका स्वाद भी अच्छा होता है इसलिए वह लोग अधिकतर फास्ट फूड को ही पंसद करते हेै। उन्होने कहा कि फास्ट फूड का टेस्ट बहुत अच्छा होता है। वह फास्ट फूड जैसे चाउमीन, बर्गर, युवा सबसें ज्यादा इसलिए पंसद करते है कि वह पच जल्दी जाते है। उन्होने बताया कि फास्ट फूड की पैकिंग भी जल्दी हो जाती है तथा इन्हे चलते फिरते खाया जा सकता है। इसलिए सर्वाधिक युवा फास्ट फूड को ही पंसद करते है। इन्हे कंही पर भी बैठकर आसानी से खा सकते है। उन्होने कहा कि फास्ट फूड खाने सें एक तों भोजन भी जल्दी हो जाता है तथा स्वाद भी बदल जाता है। इसलिए एक सा खाना प्रतिदिन नही खाते। 

चिकित्सक नें फास्ट फूड पर दी सलाह

उरई। फास्ट फूड में पोषक तत्व का अभाव रहता है तथा स्वास्थ्य की दृष्टि सें यह हानिकारक होता है। इसमे नमक एवं प्रर्जवेटिव की मात्रा अधिक होती है। इसमें इस्तेंमाल की गई खाद्य सामग्री और बनानें की विधि दोनों ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। डाक्टर एचएन विश्वकर्मा द्वारा बताया गया है कि फास्ट फूड में वनस्पति घी का प्रयोग होता है। जों कैलोरी की बहुतायत के कारण यह मोटापा बढातें है। इनसें खून में कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ जाती है। जिससे व्यक्ति मधुमेह, ब्लड प्रेसर, हृदयरोग आदि बीमारियों का शिकार हो जाते है।