जनता के साथ खिलवाड़ कर रहा स्वास्थ्य विभाग

जनता के साथ खिलवाड़ कर रहा स्वास्थ्य विभाग

सक्ती।
लॉकडाउन का फैसला सिर्फ इसलिए लिया गया ताकि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाया जा सके। साथ ही संक्रमण के फैलने के चैन को तोड़ा जा सके लेकिन नगर में संक्रमितों की संख्या तो बढ़ते ही जा रही हैए और स्वास्थ्य विभाग नगर प्रशासन और प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंद बैठे हुए है। लॉकडाउन के आदेश के बाद नगर के चारों तरफ बेटिकेटिंग तो कर दिया गया है लेकिन डर की बात ये है कि अब संक्रमितों की पहचान होने के बाद भी प्रशासन पूरी तरह से कड़ाई बरत रहा है।
नगर में लगातार 15 से 20 कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान रोज हो रही है लेकिन अब कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कर जांच नहीं की जा रही है जिससे संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ते जा रहा है। शुरुआती दौर में शासन-प्रशासन अपने आपको काफी मुस्तैद बताते हुए कार्य कर रहा था लेकिन अब जब संक्रमण बढ़ता जा रहा है तो स्वास्थ्य विभाग प्रशासन भी सुस्त हो गया है।
संक्रमित व्यक्ति घर में कंटेनमेंट की पर्ची नहीं चिपकाई जा रही
लॉक डाउन के पहले और दूसरे फेज में सर्दी बुखार के नाम पर भी लोगों के घर के सामने पर्ची चिपका सबको सतर्क किया जाता था लेकिन जिस संक्रमण के खतरे से बचने यह सारे हथकंडे अपनाए जाते थे अब अगर संक्रमित मिल भी जा रहे है तो किसी भी प्रकार से कोई ऐहतियात नहीं बरती जा रही है। संक्रमितों के बारे में स्थानीय वार्ड पार्षदों को कोई भी जानकारी नहीं दी जा रही है। जबकि वार्ड पार्षद को अगर संक्रमितों की जानकारी दी जाती है तो पहचान कर अच्छे से एहतियात बरते जा सकते है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के बी एम ओ से जानकारी मांगी जाती है कि किन.किन व्यक्तियों का करोना पॉजिटिव निकला है उनका नाम बताएं तो उनके द्वारा किसी भी प्रकार के नाम सार्वजनिक नहीं किए जाने की बात कही जाती है जबकि नाम सार्वजनिक होने से प्रत्येक लोगों को जानकारी होगी और उस व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति मिलने से दूरी बनाकर रखेंगे परंतु स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से किसी को भी कौन व्यक्ति किस वार्ड में पॉजिटिव मिला है इसकी जानकारी नहीं  दिए जाने कारण संक्रमित व्यक्ति कौन है इसकी जानकारी आम लोगों को नहीं हो पा रही है
लॉकडाउन की स्थिति में नगर को चारों ओर से बेटिकेटिंग कर दिया गया है ताकि कोई भी नगर में प्रवेश ना कर सके लेकिन यह भी देखा जा रहा है कि बेरीकेट्स वाले स्थान में बचकाना हरकत करते हुए प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कांटेदार वृक्षों की टहनियों को काट कर उपयोग में ले रहे है।
कंचनपुर को भी कंटेन्मेंट जोन में लिया गया है लेकिन वहां एक भी संक्रमित की पहचान नहीं हुई है लेकिन बेरीकेट्स बोरदा में लगाया गया है जो लोगों की समझ से परे है। जिला कलेक्टर ने नगरीय निकायों से सटे गांव को भी लॉक डाउन के प्रभावी क्षेत्र में लिया थाए जिसके तहत कंचनपुर को भी लॉक डाउन है लेकिन वहां एक भी संक्रमित मरीज की पहचान नहीं हुई है। नगर में लॉक डाउन के नाम पर सभी दुकानों को तो प्रशासन ने बंद करा दिया है लेकिन लोग मॉर्निंग वॉकए इवनिंग वॉक कर रहें हैए सड़कों पर लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है और नगर में गश्त  का प्रभाव कम नजर आ रहा है।
 नगरवासियों का कहना है कि प्रतिदिन करोना पॉजिटिव  मरीज मिल रहे हैं परंतु उनका नाम सार्वजनिक नहीं होने के कारण आम लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो पा रही है और इसी के चलते नगर में संक्रमित फैल रहे हैं।
डॉ.  अनिल चौधरी बीएमओ क्या कहते हैं  
हमारे विकासखण्ड में 82 कोविड 19 संक्रमित लोग होम आइसोलेशन में हैंए जिन्हें स्वास्थ्य अमला के द्वारा दवाइयां मुहैया कराई जा रही है। वहीं बाकी संक्रमितों को कोविड 19 सेंटर में भी उपचार के लिए रखा गया है। हमारे द्वारा संक्रमित पाए गए मरीजों की जानकारी प्रशासन को दे दी जाती है नगर पालिका व जनपद पंचायत द्वारा टीम बनाई गई है जो होम आइसोलेटेड लोगों और उनके परिजनों पर सतत निगरानी रखेंगे परंतु बीएमओ डॉ चौधरी द्वारा किसी भी होम आइसोलेट मरीज के घर के सामने में सूचना बोर्ड चस्पा नहीं किया गया है जबकि शासन के नियमानुसार होम आइसोलेशन मरीज के घर के सामने में सूचना बोर्ड लगाया जाना है यह कार्य स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा किया जाना है परंतु निजी स्वार्थ पूर्ति के लिए डाक्टर चौधरी के आदेश का इन के कर्मचारियों द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है।
अगर होम आइसोलेटेड व्यक्ति के परिजन घूमते पाए जाएंगे तो उन पर कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान है। होम आइसोलेटेड परिवारों के लिए प्रशासन ने जरूरत की वस्तुओं के लिए होम डिलीवरी की सुविधा दी है। संक्रमण को लेकर किसी भी तरह का कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। शासन के निर्देशों की अवहेलना करता कोई भी पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बीएस मरकाम
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सक्ती