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भाजपा का विपक्षी दलों के नेताओं को पार्टी में शामिल करना मतदाताओं को पसंद नहीं आया: शरद पवार

भाजपा का विपक्षी दलों के नेताओं को पार्टी में शामिल करना मतदाताओं को पसंद नहीं आया: शरद पवार

मुंबई, 26 अक्टूबर। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में राकांपा के अच्छा प्रदर्शन करने के बाद पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि उनकी पार्टी अच्छे नेता तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेगी. राकांपा ने इस चुनाव में 54 सीटों पर जीत दर्ज की और इस मामले में वह कांग्रेस (44) से आगे रही चुनाव से पहले राकांपा के कुछ प्रमुख नेताओं के पार्टी छोड़ कर जाने के बावजूद पवार नीत पार्टी इतनी संख्या में सीटें हासिल करने में कामयाब रही.

पवार ने कहा, ‘मतदाताओं ने चुनाव से पहले भाजपा द्वारा विपक्षी दलों के नेताओं को शामिल किये जाने को पसंद नहीं किया.’ सरकार गठन के लिये शिवसेना को राकांपा द्वारा समर्थन दिये जाने की संभावना और इस तरह भाजपा को सत्ता से दूर रखने के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा, ‘हम अच्छे नेता तैयार करना चाहते हैं मैं कृषि, उद्योग और बेरोजगारी को लेकर चिंतित हूं. ’

उन्होंने कहा, ‘हम लोगों की चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं इसलिए अन्य चीजों में हमारी रूचि नहीं है.’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह परली विधानसभा सीट पर राकांपा की जीत की उम्मीद कर रहे थे, जहां पार्टी ने देवेंद्र फड़णवीस सरकार में मंत्री पंकजा मुंडे (परली सीट) को हरा दिया साथ ही, उन्हें सातारा लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भी जीत की उम्मीद थी. सातारा से राकांपा सांसद ने पार्टी छोड़ दी थी और वह भाजपा में शामिल हो गये थे, जिसने उन्हें उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया था. हालांकि, राकांपा के श्रीनिवास पाटिल ने उन्हें 80,000 से अधिक वोटों से हरा दिया. परली सीट राकांपा के धनंजय मुंडे ने भाजपा से छीन ली.

पवार ने कहा, ‘सातारा के चुनाव नतीजे से मैं हैरान नहीं हूं मैं नतीजे को लेकर आश्वस्त था परली के नतीजे के बारे में कोई संदेह नहीं है मैं आश्वस्त था कि नतीजे धनंजय मुंडे के पक्ष में जाएंगे. ’ मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा था कि बृहस्पतिवार को चुनाव नतीजे आने के बाद पवार के पास खुश होने का कोई कारण नहीं है क्योंकि विपक्ष सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है. इस बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा, ‘हम संतुष्ट नहीं है क्योंकि हम बहुमत हासिल करना चाहते थे लेकिन हम उदास भी नहीं हैं क्योंकि भाजपा के बड़े बोल हकीकत में तब्दील नहीं हो पाये.’