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Chhattisgarh_Forest : वन मंत्री के बंगले से निकली ट्रांसफर लिस्ट ने बढ़ाई नाराजगी

Chhattisgarh_Forest : वन मंत्री के बंगले से निकली ट्रांसफर लिस्ट ने बढ़ाई नाराजगी
  • नियम कायदे कानून को ताक पर रख हुए वन कर्मचारियों के स्थानांतरण
  • ट्रांसफर लिस्ट में गड़बड़ी हुयी है, इसे सुधार लिया जायेगा : म्हस्के


रायपुर. वन विभाग ने तबादला नीति के सारे नियम कायदे कानून को ताक पर रखते हुए उसके अधिकारीयों ने वन कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर तबादले किये हैं. इसमें गंभीर चूक सामने आई है.

ताजा मामला जो सामने आया है, वह जशपुर वन मंडल के तपकरा वन परिक्षेत्र का है जहाँ पर तीन फारेस्ट गार्ड अविनाश शर्मा, अवति  पाणिग्रही एवं नन कुमार यादव का तबादला वन परिक्षत्रेत्र तपकरा जशपुर वन मंडल से वन परिक्षेत्र कुनकुरी वन परिक्षेत्र बस्तर कर दिया  गया है। इसके चलते फारेस्ट गार्ड पशोपेश में हैं। गौरतलब है कि विगत 23 अगस्त 2019 को वन विभाग ने अधिकारी कर्मचारियों का ट्रांसफर थोक में किया था जिसमें इन तीनों कर्मचारियों के ट्रांसफर में गड़बड़ी सामने आयी है.

दूसरी ओर वन कर्मचारियों में हड़बड़ी में किये गए ट्रांसफर से काफी आक्रोश है. छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष सतीश मिश्रा ने बताया कि इस तरह से लिस्ट की गड़बड़ी यदि अधिकारीयों के द्वारा की जाती तो शायद ही होती लेकिन यह जो ट्रांसफर लिस्ट जारी किया गया है, इसमें कहीं न कहीं अधिकारी मंत्री के दबाव में आकर किये हैं।

सतीश मिश्रा का कहना है कि किसी ने इन वन रक्षकोे की शिकायत मंत्री से की होगी जिसके बाद यह ट्रांसफर हुए. वैसे मंत्री के बंगले से भी लापरवाही बरती गई है. उन्होंने कहा कि लिस्ट जारी करने के पहले विभागीय अधिकारीयों के अनुमोदन बगैर ही ट्रांसफर लिस्ट तैयार हो गई. इस कारण से ही ट्रांसफर लिस्ट में लापरवाही बरती गयी है तथा वन मंत्री मोहम्मद अकबर के बंगले के कर्मचारियों की  लापरवाही इन वन रक्षकों को भुगतना पड़ रहा है।

इस मामले पर पर जब वन विभाग के सचिव जे.एस. म्हस्के को अवगत कराया तो वे भी आश्चर्य में पड़ गए। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर लिस्ट में गड़बड़ी हुयी है, इसे सुधार कर लिया जायेगा. इसके लिए जो पीड़ित वन रक्षक हैं, वे विभाग में कमेटी बनी है, उसमें शिकायत कर सकते है। और रही बात फारेस्ट गार्ड की दूसरे सर्किल में ट्रांसफर की तो ऐसा कुछ नियम नहीं है, कई बार फारेस्ट गार्ड को रियायत दे दी जाती है.

छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष सतीश मिश्रा ने वन विभाग के अधिकारीयों पर आरोप लगाया है कि कोई भी फारेस्ट गार्ड यदि किसी जिले के वन मंडल में या वन परिक्षेत्र में पदस्थ है तो उनका तबादला भी उसी क्षेत्र में किया जाना चाहिए जिसका वन विभाग के अधिकारियों ने पालन नहीं किया है और एक छोटे कर्मचारी का ट्रांसफर जशपुर से बस्तर कर दिए हैं.