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भूपेश सरकार सर्वहारा वर्ग के उत्थान हेतु संकल्पित-मेहता

भूपेश सरकार सर्वहारा वर्ग के उत्थान हेतु संकल्पित-मेहता

धमतरी, 13 सितंबर। छत्तीसगढ की भूपेश बघेल सरकार ने एक साथ कई उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश में इतिहास रच दिया है। चाहे किसानों का कर्ज माफ की बात हो, या फिर बिजली बिल आधा करने की, सभी में तत्परता से काम हुए। नये फैसलों से प्रदेश की सरकार ने राहतों और चाहतों का सफर अल्प समय में तय किया है। नित नये कार्यों को स्वीकृति देकर इस सरकार ने किसान, मजदूरों को स्वयं से जोड़ लिया है। अन्य वर्ग के लोग भी सरकार के ऐतिहासिक फैसले से तरक्की के नये आयाम स्थापित कर रहे हैं, यह बात पूर्व विधायक हर्षद मेहता ने कही है। 

श्री मेहता ने प्रदेश में तरक्की और संपूर्ण विकास का संकल्प लेकर आई छग की भूपेश सरकार ने सत्ता में आने के साथ ही कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम शुरू किया। सबसे पहले अपने वादे के मुताबिक किसानों के 11 हजार करोड़ रूपये का कर्ज माफ किया। अल्प समय में किसानों को 2500 रूपये क्विंटल में धान खरीदी कर बड़ी राहत दी। इस योजना के तहत 6 हजार करोड़ रूपये का धार समर्थन मूल्य में खरीदा गया और छोटे, मंझोले किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हुआ। सरकार ने इन किसानों को धान पर फार्मिंग खाते का वन टाईम सेटलमेंट करने में भी अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। एक और महत्वाकांक्षी योजना बिजली बिल आधा पर भी सरकार ने त्वरित फैसला लिया और शहर एवं गांव के ऐसे सभी उपभोक्ताओं का 400 यूनिट तक बिजली बिल माफ किया। जो बिजली बिल से परेशान थे, हर घर में इस माफी के साथ खुशहाली का बसेरा होने लगा। 

आदिवासी अंचल में राहत के लिये कई महत्वाकांक्षी निर्णय मौजूदा सरकार ने लिया। तेंदूपत्ता पारिश्रमिक 4 हजार रूपये मानक बोरा, प्रदेश के आदिवासियों की जमीन वापसी, फूडपार्क का शिलान्यास का निर्णय लिया गया। न सिर्फ इंद्रावती विकास प्राधिकरण, बस्तर सरगुजा संभाग में कनिष्ठ सेवा चयन बोर्ड, एनएमडीसी चतुर्थ ग्रुप की पदो की भर्ती परीक्षा दंतेवाड़ा में, भोपालपट्नम में कागज कारखाना लगाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम चल रहा है। खाद और पोषण में बड़ी राहत देने का सफर भी इस सरकार ने शुरू किया। पहले तो केवल गरीब परिवारों को इस योजना के तहत चांवल प्रदाय किया जाता था। लेकिन उसमें भी सदस्य संख्या की तकलीफ थी। यह सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और गरीब परिवारों को प्रति राशन कार्ड 35 किलो चांवल प्रदान करने के साथ ही इस परिवार में अतिरिक्त प्रत्येक सदस्य पर सात किलो चांवल देने का महत्वाकांक्षी निर्णय लिया। वहीं एपीएल के उपभोक्ताओं को भी 10 रूपये प्रति किलो के हिसाब से चांवल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की गई है।

सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है नरवा, गरूवा, घुरूवा बारी, और इसे बचाने के लिये सरकार ने गांव-गांव में अभियान छेड़ दिया है। छत्तीसगढ़ में विकास का सफर नरवा, गरूवा, घुरूवा बारी से ही शुरू होता है। राज्य सरकार ने इसे ही विकसित करके किसानों, मजदूरों एवं अन्य लोगों को विकास के रास्ते से जोडऩे का काम शुरू कर दिया है। गांव में नाले समृद्ध हो रहे हैं। गौठान बनाये जा रहे हैं। चरवाहे की व्यवस्था की जा रही है, साथ ही चारा एवं विश्राम के लिये पर्याप्त इंतजाम किये जा रहे हैं। रासायनिक खाद से तंग आ चुके किसानों के लिये घुरूवा की समृद्धि कारगर साबित होगी। इस योजना के तहत हर किसानों को देशी कंपोस्ट खाद बनाने के लिये प्रेरित किया जा रहा है और उन्हें आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। इससे न केवल कृत्रिम खाद से राहत मिलेगी बल्कि जैविक खेती की ओर किसान जुटेंगे। किसानों के लिये यह खाद समृद्धि का माध्यम बनेगा और अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। जब किसान अपनी बाड़ी में सब्जियों का उत्पादन करेंगे तो उनके लिये यह न केवल सहायक आय का जरिया बनेगा बल्कि बड़े-बड़े फार्मिंग से आने वाले सब्जियां एवं कीटनाशकों से होने वाली कई बिमारियों से लोगों को राहत मिलेगी।

युवाओं में भी सरकार के सत्ता में आने के साथ ही नया जोश का संचार हुआ है जिन्हें रोजगार से लेकर अन्य क्षेत्रों से जोडऩे के कई उपाय राज्य सरकार कर रही है। बड़े पैमानों पर प्लेसमेंट का आयोजन हो रहा है। स्कूल, कॉलेजों में छात्रों की फीस माफी के साथ ही उनको प्रोत्साहित करने की योजनाओं पर काम हो रहा है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसानों के लिये व्यापक ऋण माफी योजना का ही असर है कि अब किसान खेती को और उन्नत तरीके से करने के लिये प्रतिबद्ध हुए हैं। इस योजना के तहत 19 लाख किसानों के 11 हजार करोड़ रूपये कर्ज माफी हुई है। साथ ही सहकारी ग्रामीण बैंकों से लिया गया कृषि ऋण माफ किया जा रहा है। 17 दिसंबर 2018 को छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सरकार बनने के बाद से ही किसानों को ऋण माफी और 2500 रूपये में धान खरीदी शुरू की गई। वर्ष 2018-19 में 80 लाख 37 हजार 11 मीट्रिक टन धान की खरीदी समर्थन मूल्य में सरकार किया है। सरकार बनने के पहले खरीदे गये धान का भुगतान भी 2500 रूपये क्विंटल के हिसाब से किया गया जिसमें लगभग 6 हजार करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को किया गया। इससे पता चलता है कि भूपेश सरकार सर्वहारा वर्ग के उत्थान हेतु पूरी तरह संकल्पित होकर काम कर रही है।