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आतंकी कैंपों पर भारत की कार्रवाई से बौखलाया पाक, उपउच्चायुक्त को किया तलब, रक्षामंत्रालय अलर्ट

आतंकी कैंपों पर भारत की कार्रवाई से बौखलाया पाक, उपउच्चायुक्त को किया तलब, रक्षामंत्रालय अलर्ट

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के तंगधार सेक्टर में पाकिस्तान की गोलीबारी के बाद भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई के मद्देनजर रक्षा मंत्रालय भी अलर्ट है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हालात पर लगातार सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत से संपर्क में हैं। वहीं, पाकिस्तान ने भी स्वीकार किया है कि भारत के हमले में उसका भारी नुकसान हुआ है। पाकिस्तान ने फायरिंग की आड़ में आतंकियों के घुसपैठ की कोशिश ऐसे समय में की थी जब सोमवार को रक्षा मंत्री और आर्मी चीफ लद्दाख दौरे पर जाने वाले हैं।

भारतीय सेना की कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने भारतीय उप-उच्चायुक्त गौरव अहलुवालिया को समन जारी किया है। पीओके में आतंकी लॉन्च पैडों को तबाह करने के लिए भारतीय सेना की ओर से आर्टिलरी गन्स का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हुआ है।

तबाह हुए आतंकवादियों के लॉन्च पैड्स
पाकिस्तानी सैनिकों ने आज तड़के आतंकवादियों को भारतीय सीमा में प्रवेश करवाने की जीतोड़ कोशिश की। आतंकी घुसपैठ को कवर देने के लिए ताबड़तोड़ फायरिंग भी की। इसके जवाब में भारतीय सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) स्थित आतंकवादियों के लॉन्च पैड्स को ही निशाना बनाना शुरू कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्रवाई में पीओके में 3 आतंकी ठिकाने तबाह हो गए हैं। भारतीय सेना की गोलीबारी में 22 आतंकियों और 5 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है। हालांकि पाकिस्तान मारे गए सैनिकों और आतंकियों की संख्या को छिपा रहा है।

पाकिस्तान को हुए नुकसान का हो रहा आकलन: सेना
सेना ने एक बयान में कहा, 'पाकिस्तान ने तंगधार सेक्टर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। भारतीय सैनिकों ने प्रभावी तरीके से जवाबी कार्रवाई की और पाकिस्तान में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है।' भारत की तरफ से जवाबी गोलीबारी जारी है। सैन्य अधिकारियों ने कहा कि उस तरफ हुए नुकसान का सही आंकलन किया जा रहा है।

पाकिस्तान का बयान
पाकिस्तान ने भी माना है कि भारतीय सेना की कार्रवाई से पीओके में भारी नुकसान हुआ है, लेकिन उसने अपने मारे गए सैनिक की संख्या सिर्फ एक बताई है। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ने मारे गए सैनिक का नाम लांस नायक जाहिद बताया है। साथ ही, उसने दो सैनिकों को घायल होने की बात कही है। हालांकि उसने आतंकी ठिकानों पर हुई कार्रवाई में हुए नुकसान पर चुप्पी ठान रखी है।

बीजेपी ने सेना की कार्रवाई को सराहा
जम्मू-कश्मीर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना ने पीओके स्थित आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए भारतीय सेना की तारीफ की। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन कर रहा है। कुपवाड़ा में हमारे जवान शहीद हो रहे हैं, लोग मारे जा रहे हैं। यह स्ट्राइक जरूरी थी क्योंकि यहां से आतंकी भारत में घुसने की कोशिश कर रहे थे।'

घुसपैठ की कोशिश में था पाकिस्तान
भारतीय सेना ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान गोलीबारी की आड़ लेकर जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने की फिराक में था लेकिन सेना ने मौके पर ही उसे मुंहतोड़ जवाब दिया और पीओके में आतंकी कैंपों को भी तबाह कर दिया। रविवार सुबह पाकिस्तान ने बिना उकसावे के ही फायरिंग शुरू कर दी जिसमें दो भारतीय सैनिक शहीद हो गए। इसके साथ ही एक नागरिक की भी जान चली गई और तीन अन्य घायल हो गए। इसके बाद भारतीय सेना ने पाक की इस हरकत का माकूल जवाब दिया। भारतीय सेना ने नीलम घाटी के आतंकी कैंपों को निशाना बनाया।

लद्दाख जाने वाले हैं राजनाथ और रावत
सीमा पर यह गोलीबारी लद्दाख में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण एक पुल का उद्घाटन करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थल सेना अध्यक्ष बिपिन रावत के सोमवार को होने वाले दौरे से एक दिन पहले हुई है। राजनाथ सिंह और जनरल रावत लेह में दरबुक को चीन सीमा से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास दौलत बेग ओल्डी से जोड़ने वाली नवनिर्मित सड़क पर बने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण पुल का उद्घाटन करने पूर्वोत्तर लद्दाख का दौरा करने वाले हैं। पुल का नाम भारतीय सेना के प्रतिष्ठित सैनिक कर्नल शेवांग रिनशेन के नाम पर रखा गया है। कर्नल लद्दाख के रहने वाले थे।

इमरान ने यूएन में अलापा था कश्मीर राग
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने झूठ फैलाने की कोशिश कर रहा है। वह आतंकी घुसपैठ करवाकर कश्मीर में अमन-चैन का माहौल बिगाड़ना चाहता है ताकि दुनिया का ध्यान आकृष्ट किया जा सके। पाकिस्तानी पीएम इमरान खान तक यह कहकर अपनी मंशा प्रकट कर चुके हैं कि जम्मू-कश्मीर में 'पाबंदियां' हटते ही खून खराबा होगा। हालांकि बेहद सीमित इलाके को छोड़कर पूरे राज्य से पाबंदियां हट चुकी हैं और इमरान के मंसूबों पर पानी फिर चुका है।