स्वास्थ्य कर्मियों को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा मार्मिक अपील किया जाना उनपर भावुकता भरा अत्याचार है- तरुणा बेदरकर

स्वास्थ्य कर्मियों को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा मार्मिक अपील किया जाना उनपर भावुकता भरा अत्याचार है- तरुणा बेदरकर

जगदलपुर, 21 सितंबर। आम आदमी पार्टी के बस्तर जिला अध्यक्ष तरुणा बेदरकर ने स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव के स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल पर ना जाने को लेकर मार्मिक अपील को भावुक अत्याचार कहा है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को कहा कि जो स्वास्थ्य कर्मी अपनी जान की परवाह किये बगैर इस महामारी में लोगों की सेवा कर रहे हैं उन्हें नियमित करने में क्या समस्या है? ऐसे समय में तो सरकार को इनकी समस्याओं को देखते हुए बिना बोले नियमितीकरण कर देना चाहिए।सरकार जब उनकी भर्ती कर चुकी है वेतन भी दे रही है तो बस एक पत्र जारी कर उन्हें नियमित भी कर दे। ऐसे महामारी के समय स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित कर उनका हौसला बढ़ाने के बजाय उन्हें मार्मिक अपील कर स्वास्थ्य कर्मियों के साथ भावुक अत्याचार कर रही है। 

आगे उन्होंने कहा कि इसी महामारी काल में छत्तीसगढ़ सरकार संसदीय सचिवों की नियुक्ति की, विधायकों का पेंशन बढ़ाया ।तो इस महामारी काल मे 24 घण्टे डयूटी देने वाले इन कर्मियों को नियमित करने में क्या परेशानी हो रही है।अगर इनको नियमित नही कर सकती सरकार तो सभी विधयकों,संसदीय सचिवों को इनकी डयूटी पर लगाये सरकार।

चुनाव के समय कांग्रेस घोषणा पत्र में अनियमित कर्मचारियों को वादा किया गया था कि सरकार बनने के बाद नियमित किया जायेगा।  फिर ये वादा खिलाफी क्यों।आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष बस्तर ने सरकार से आग्रह किया कि 13000 अनियमित स्वास्थ्य कर्मियों सहित प्रदेश के सभी अनियमित कर्मचारियों सरकार नियमित करें। और दिल्ली की तर्ज पर हमारे कोरोना वारियर्स स्वास्थ्य कर्मी की मौत हो जाती है तो उनके परिवार को 1 करोड़ की राशि मुवाबजे में दे।