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ननि चुनाव: महापौर पद के लिए नये चेहरे पर लग सकता है दांव

ननि चुनाव: महापौर पद के लिए नये चेहरे पर लग सकता है दांव

रायगढ़, 14 सितंबर। नगरीय निकाय चुनाव में इस बार रायगढ़ नगर निगम से महापौर पद के लिए पार्टियां नए चेहरे पर दांव लगा सकती है ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले चुनावों में पुराने चेहरों को जनता सिरे से खारिज कर चुकी है। वर्ष 2013 के चुनाव में भी भाजपा और कांग्रेस को मिली करारी हार का ये एक बड़ा कारण था। 
सियासी गलियारे में इस बात को लेकर जहां बेहद चर्चा है तो वहीं इस चर्चा मात्र ने ही नए दावेदारों की उम्मीदें जगा दी हैं। आलम ये है कि दावेदार अब बेहद सक्रिय नजर आ रहे हैं। रायगढ़ में होने वाला आगामी नगरीय निकाय भाजपा और कांग्रेस दोनो ही दलों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को एंटी इंकमबेंसी का सामना करना पड़ा था और जनता ने निर्दलीय और किन्नर प्रत्याशी को विजयश्री दिलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया था। नगर निगम के सियासी गलियारे पर नजर डालें तो जनता ने कभी भी पुराने चेहरे को दूसरी बार मौका नहीं दिया। नगर निगम बनने के पूर्व 1994 में जहां इस सीट से शीला तिवारी पालिका अध्यक्ष थीं तो वहीं 1996 में सीता बाई कर्मकार के रुप में नए चेहरे को अध्यक्ष का ताज सौंपा गया। 1999 के चुनाव में मातूराम अग्रवाल नगर पालिका अध्यक्ष बने जबकि वर्ष 2003 में नगर निगम बनने के बाद यह सीट एससी वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद जेठूराम मनहर इस सीट पर मेयर के रुप में काबिज हुए। वर्ष 2008 में कांग्रेस ने जेठूराम मनहर को फिर से चुनावी मैदान में उतारा लेकिन जनता ने भाजपा प्रत्याशी महेन्द्र चौहथा को चुनाव में विजयश्री दिलाई। 2014 के चुनाव में भाजपा ने महावीर चौहान को टिकट दिया लेकिन महावीर भी दो बार निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़ चुके थे, जबकि कांग्रेस से जेठूराम मनहर तीसरी बार मैदान में थे। जनता ने दोनों को खारिज करते हुए निर्दलीय किन्नर प्रत्याशी मधु बाई को महापौर का ताज पहना दिया। पिछले समीकरणों को देखते हुए पार्टियां अब नए चेहरों पर विचार करने को मजबूर हो गई हैं। संगठन खुलकर भले ही न कह रहा हो लेकिन वे इस बात को सिरे से खारिज भी नहीं कर रहे हैं। भाजपा का कहना है कि पार्टी का ध्यान हर एक समीकरणों पर है। सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर पार्टी इस बार प्रत्याशी का चयन करेगी। कांग्रेस भी प्रत्याशी चयन को लेकर आम जनता की राय जानने की बात कह रही है।