Quarantine Center में जाना बीजेपी नेताओं को महंगा पड़ा, चार पूर्व विधायकों समेत 12 पर एफआईआर

Quarantine Center में जाना बीजेपी नेताओं को महंगा पड़ा, चार पूर्व विधायकों समेत 12 पर एफआईआर


14 रोज के लिए होम क्वारंटाइन भी 

महासमुंद। जि़ले के कलेंडा क्वारनटाईन सेंटर में जुड़वा बच्चों को जन्म देने वाली महिला की मौत के बाद हालात का जायज़ा लेने पहुँचे भाजपा के प्रतिनिधि मंडल पर जिसमें चार पूर्व विधायक शामिल हैं के खिलाफ़ प्रशासन ने एफआईआर दर्ज करा दिया है। साथ ही प्रतिनिधि मंडल के सभी बारह सदस्यों को रेपिड टेस्ट के बाद होम क्वारनटाईन करा दिया है। हालाँकि अब इस समूचे मामले में सियासती रंग ले लिया है। इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व विधायक और जि़ला अध्यक्ष श्रीमती रुप कुमारी चौधरी ने समूची कार्यवाही को ग़लत और पूर्वाग्रह से ग्रसित बताया है।

पूरे मसले को लेकर जानकारी आई है कि, कलेंडा क्वारनटाईन सेंटर में भाजपा का प्रतिनिधिमंडल पहुँचा जिसमें चार पूर्व विधायक श्रीमती रुप कुमारी चौधरी, रामलाल चौहान, विरोचन पटेल और विमल चोपड़ा समेत बारह लोग शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि वे जबकि गए तो उन्होंने आवश्यक दूरी और सावधानी बरतते हुए संवाद किया, जिसमें भोजन के ना बनने, पानी की व्यवस्था ना होने समेत बदहाली सामने आई। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि जबकि वे लौट रहे थे तभी एसडीएम कुणाल दूधावत आए और उन्हें क्वारनटाईन सेंटर के कैंपस में कऱीब चार घंटे बंधक बना लिया और रेपिड टेस्ट के बाद होम क्वारनटाईन के निर्देश दिए।

इधर इस मामले में प्रशासन की दलील है कि कार्यवाही नियमत: की गई है। एसडीएम कुणाल दूधावत ने कहा कि क्वारनटाईन सेंटर में तमिलनाडु महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के लोग हैं जिनकी संख्या 27 हैं, वहीं के एक श्रमिक को कोविड संक्रमित पाया गया। ऐसे में वहाँ इन सब का जाना नियमों की अवहेलना थी। क्वारंटाइन सेंटर के अपने नियम है, उसे नजरअंदाज किया गया। उनके विरुद्ध सिंघाड़ा पुलिस में एफआईआर की गई है, साथ ही रेपिड टेस्ट के बाद होम क्वारनटाईन के निर्देश दिए गए हैं।