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नेशनल रिकॉर्ड कायम करेगा छत्तीसगढ़ का युवा माउंटेननियर

नेशनल रिकॉर्ड कायम करेगा छत्तीसगढ़ का युवा माउंटेननियर


रायपुर, 14 सितंबर। रायपुर। कौन कहता है यारो की आसमान में छेद  नही होती।  तबियत से एक पत्थर तो उछाल करके देखो। जी  हाँ इसी को चरितार्थ कर रहा है मूलतः बालोद जिले के निवासी चित्रसेन साहू ने जिनके दोनों पैर नहीं होने के बाउजुद उन्होंने कई ऐसे कारनामे कर गुजरे है जिससे आपके दांतों तले उंगलिया दबाने पर मजबूर कर देंगे। चित्रसेन पेशे से इंजिनियर है और वे राज्य सरकार के हाऊसिंग बोर्ड में अस्सिटेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। चित्रसेन साहू ने बताया की वह भारत का पहला पर्वतारोही जिनके दोनों पैर नहीं है ,बावजूद इसके अफ्रीका के सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो की फतह  करने जा रहे है जो अपने आप में एक बड़ा साहसिक कदम है। इससे चित्छरसेन के इस कदम से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि भारत देश का भी शान बढ़ाएगा। उनकी इस प्रयास से नेशनल रिकॉर्ड दिलाने में भी कामयाबी रहेगी। उन्होंने बताया की इसके पहले  छत्तीसगढ़ के एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोही जो माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले माउंटेन मैन राहुल गुप्ता के मार्गदर्शन में नेशनल रिकॉर्ड बनाने की बात कही। चित्रसेन पूरे देश और राज्य के एकमात्र ऐसे युवा हैं जिनके दोनों पैर नहीं है और माउंट किलिमंजारो की कठिन चढ़ाई पर जा रहे हैं.. उन्होंने कहा की वे स्कुल समय से खेलकूद में हमेशा आगे रहे है और वे क्रिकेट के साथ बालीबाल का भी खिलाड़ी रहे है ,जब वे कालेज के पढाई कर रह थ तभी उनका एक रोड एक्सीडेंट में दोनों पैर चली गयी है  तब से उन्होंने अपनी हार नही माना, और हर दिन कुछ नया करने की उनकी चाह ने आज उन्हें ऐसे मुकाम पर ले आया है  जहाँ पर प्रदेश ही नही पूरे देश को उन पर गौरव होगा । चित्रसेन का दोनों पैर नहीं है इसके बाद भी उन्होंने  एक अपने पैरो पर खड़े है का एक कैम्पेन चलाया है। जिसका लोगो में इसका काफी असर हुआ है और वे कहते है की मेरा दोनों पैर नहीं है, फिर भी लोग मुझे दिव्यांग, विकलांग, अशक्त शब्द का प्रयोग नही करें , क्यूंकि ऐसा कहने से कहीं न कही आप मुझे सामाज से अलग कर रहे है। 

उन्होंने कहा  की कैम्पेन पैरो पर खड़े है की थीम पर अफ्रीका महाद्वीप की देश तंजानिया पर्वत के किलिमंजारो जिनकी ऊंचाई करीब 5895 मीटर है ,इसको फतह करने की बात कही जो अपने आप में एक चुनौती है उन्होंने बताया की वहा पर चार अलग- अलग मौसम के बदलाव का वे सामना करेंगे। इसकी शुरुआत बीस सितम्बर को करने जा रहे है ,इस दौरान इस सफर में करीब पंद्रह दिनों का सफ़र तय करेंगे। इसके लिए रायपुर से सोलह सितम्बर को पर्वतारोही राहुल गुप्ता के साथ सोलह सितम्बर से करने जा रहे है। 
चित्रसेन ने बताया की दो साल पहले राहुल गुप्ता से मिला और उनसे प्रेरणा लेकर टूरिज्म विभाग द्वारा चालू किये गये जोजना एक भारत शेष भारत के जरिये सबसे पहले पांच और बारह किलोमीटर तक की उचाई मैनपाट के पहाड़ो में कर चुके है। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश में सात दिनों के अंदर करीब बहत्तर किलोमीटरतक की ट्सरेकिंग का सफ़र भी तय कर चुके है।चित्रसेन साहू ने बताया कि उन्होंने हमेशा से ही अपने लोगों के हक के लिए काम किया है ताकि उन लोगों के साथ भेदभाव ना हो। शरीर के किसी अंग का ना होना कोई शर्म की बात नहीं है ना ये हमारी सफलता के आड़े आता है बस जरूरत है तो अपने अंदर की झिझक को खत्म कर आगे आने की। हम किसी से कम नहीं ना ही हम अलग हैं तो बर्ताव में फर्क क्यों करना हमें दया की नहीं आप सबके साथ एक समान ज़िन्दगी जीने का हक चाहिए ।