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अलगाववादियों के खेल का खुलासा, आतंक फैलाने के लिए हाफिज से लेते थे करोड़ों

 अलगाववादियों के खेल का खुलासा, आतंक फैलाने के लिए हाफिज से लेते थे करोड़ों


नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की रिपोर्ट में जेकेएलएफ के चीफ और अलगाववादी नेता यासीन मलिक और शब्बीर अहमद शाह समेत 5 बड़े अलगाववादी नेताओं को लेकर बड़ा खुलासा हुआ. रिपोर्ट के अनुसार, कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए इन लोगों को लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद की ओर से फंड मिलता था.
जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चीफ और अलगाववादी नेता यासीन मलिक के अलावा आसिया अंद्राबी, शब्बीर अहमद शाह, मशरत आलम और राशिद इंजीनियर से एनआईए की ओर से किए जा रहे पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इन शीर्ष अलगाववादियों को कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए हाफिज सईद से फंड मिलती थी. लश्कर-ए-तैयबा का चीफ हाफिज सईद इन अलगाववादियों को फंड देता था.
एनआईए अब UAPA के नए कानून के तहत चार्जशीट दाखिल करेगी. एनआईए ने 214 पेज की अपनी रिपोर्ट तैयार की है. सभी अलगाववादियों के हाफिज सईद से कश्मीर में आतंकियों को फंडिंग करने और पत्थरबाजी के लिए पैसा जुटाने के पुख्ता सबूत हैं. ये खुलासे यासीन मलिक की डिजिटल डायरी से हुए हैं.
एनआईए की रिपोर्ट से यह भी खुलासा हुआ कि यासीन मलिक ने जहूर वताली की मदद से 2015-16 में 15 लाख रुपये हवाला के जरिये हाफिज सईद से लिए थे. रिपोर्ट से यह बात भी सामने आई है कि हाफिज का 1 करोड़ रुपया सैय्यद अलीशाह गिलानी, शब्बीर शाह और अल्ताफ फंटूश के पास आया.
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि यासीन मलिक को पाकिस्तान से ख्वाजा मंजूर चिश्ती ने करोड़ों रुपये भेजे. यासीन मलिक को भेजे ई-मेल के मुताबिक पाकिस्तान ने आजाद कश्मीर के लिए 2 करोड़ पाकिस्तानी मुद्रा दिए.
एनआईए की इंटेरोगेशन रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि सैयद अली शाह गिलानी, यासीन मलिक, उमर फारूक के रिकमेंडेशन लेटर के जरिए पाकिस्तान लीगल वीजा देकर कश्मीर के युवाओं को पाक में आतंक की ट्रेनिंग देता था. साथ ही एनआईए की रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि आसिया अंद्राबी ने यासीन मलिक के रिकमेंडेशन लेटर के जरिए पाकिस्तान में आतंक की ट्रेनिंग के लिए जाने वाले कश्मीरी युवाओं का कंफर्मेशन अपने इंटेरोगेशन रिपोर्ट में किया है.
एनआईए की रिपोर्ट से यह भी खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान में मेडिकल और इंजीनियरिंग की सीट जो जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए रिजर्व थीं. लेकिन अपने फायदे और पैसे कमाने के लिए इन सीटों की बोलियां जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता लगाते थे और इसका पैसा आपस में बांट लेते थे. यासीन मलिक के घर पर एनआईए ने छापा मारा था तो हाफिज सईद से उसके लगातार संपर्क होने के कई सबूत एनआईए को मिले. यासीन मलिक लश्कर के आतंकी ट्रेनिंग कैंप पाक अधिकृत कश्मीर मुरी में भी गया था और यहां पर इसने आतंकवादियों को संबोधित भी किया था.