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रेलवे की लापरवाही से मार्ग की हालत जर्जर, ग्रामीण परेशान

रेलवे की लापरवाही से मार्ग की हालत जर्जर, ग्रामीण परेशान

भानुप्रतापपुर, 21 अक्टूबर। रेलवे विभाग के लापरवाही के कारण कई गांव के पहुंच मार्ग अत्यन्त ही खराब हो गए है। जिससे ग्रामीणों को आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक गांव टेढ़ई कोदल का बना हुआ है। यह गांव नगर से महज ही कुछ दूरी पर स्थित है। पूर्व में गांव पहुंचने के लिए रास्ता सीधा व अच्छा हुआ करता था,लेकिन इस मार्ग से ही रेल लाईन गुजरने के कारण इस मार्ग को बंद कर पुल के नीचे से मार्ग को परिवर्तित कर दिया गया है। वहां पर हमेशा पानी का जमा एवं कीचड़ होने के कारण मार्ग से गुजरना मुश्किल हो रहा है। बड़ी वाहन रास्ते में ही फंस जा रहा है। आज भी गांव के राशन लेकर जा रही वाहन फंस गई थी,जिसे बड़ी मुश्किल से ग्रामीणों ने टेक्टर के मदद से निकाला गया है। ऐसी स्थिति हमेशा निर्मित हो रही है इसके लिए ग्रामीणों द्वारा रेलवे विभाग एवं तहसीलदार को अवगत कराया गया है लेकिन स्थिति आज भी वैसे ही बना हुआ है।

विदित हो कि दल्लीराजहरा से रावघाट रेल लाइन का विस्तार होने के कई गांव के मार्ग प्रभावित हुआ है। रेल्वे  द्वारा उन स्थानों पर पुल बनाकर नीचे से रास्ता तो बनाया गया है लेकिन पानी के निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं किया गया है। जिसके चलते हमेशा पानी का जमाव बना रहता है। वहीं परिवर्तित मार्ग तो बनाया गया है, पर पानी के निकासी के लिये विभाग के कोई समुचित व्यवस्था नहीं किया गया है। टेढई कोदल के ग्रामीण छबिलाल दरपटटी, पुरूषोत्तम लाल विश्वकर्मा, सोमेश्वर दरपटटी, अमीत कुमार मतलामी, पंकजसाहु, संतोष,भीखम राज सलाम, लोकश कुमार, कोमल देव कावडे, बरसुराम दरपटटी, मंगनाथ,प्यारेलाल,सुखीतराम, दिनेश कुमार, नरोत्तम,गैदसिंग,सुरेश कुमार, गंगाराम आदि ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले हमारे गांव के लिए रास्ता सीधा व अच्छा था,बारिश के दिनों में भी बडी वाहन आसानी से आ जा रही थी,लेकिन जब से रेल लाइन का निर्माण हुआ है,तब से गांव पहुंचने का मार्ग अत्यन्त ही खराब एवं कीचड़युक्त हो गया है। सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों के द्वारा पूर्व में रेलवे विभाग के अधिकारी को जानकारी दी गई थी,एवं तहसीलदार भानुप्रतापपुर को भी आवेदन दिया गया था। लेकिन सड़क आज भी नहीं सुधर पाई। ग्रामीणों के आवगमन को देखते हुए पंचायत के माध्यम से पूर्व में एक दो टेक्ट्रर से मुरूम डाला गया था, लेकिन आज भी बड़ी वाहन गांव तक नहीं पहुंच पा रही है। उचित मूल्य दुकान के राशन लेकर गांव जा रही वाहन बीच रास्ते मे ही फंस गई जिसे बड़ी मुश्किल से निकाला गया।