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उद्योगपति सोमानी के अपहरण के पहले की गई रैकी, पुलिस को नहीं मिले अब तक सुराग, व्यापारी का अता—पता नही

उद्योगपति सोमानी के अपहरण के पहले की गई रैकी, पुलिस को नहीं मिले अब तक सुराग, व्यापारी का अता—पता नही

रायपुर. सिलतरा के उद्योगपति प्रवीण सोमानी अपहरण मामले में पुलिस के हाथ अब तक कोई ठोस सुराग नहीं लग पाया है। रायपुर पुलिस यहां तक पता नहीं लगा पायी हैं कि व्यापारी का अपहरण किस जगह से हुआ है. हालांकि सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में तमाम चर्चाओं के बीच यह भी खबर निकलकर आ रही है कि व्यापारी का अपहरण होने के बाद उसे रायपुर के ही किसी और रिहायशी जगह पर छिपाकर रखा गया होगा. जो संभवतः परिवारिक विवाद और व्यवसाय प्रतिद्वंद्विता के कारण हुआ है।

एडिशनल एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि प्रवीण सोमानी के अपहरण को लेकर पुलिस विभाग हर एक डिटेल खंगाल रही हैं जिसमे उनके बैंक लोन ,फैक्ट्री की मार्किट वैल्यू के साथ उनकी तीनो फैक्ट्रियों से लेनदेन से जुड़े हुए तमाम पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. उन्होंने बताया कि अभी तक की जाँच में ऐसा लग रहा हैं कि प्रवीण सोमानी का किडनैप किया गया है. इसके अलावा उनकी अपहरण होने की आशंका की दृष्टि से भी पुलिस पड़ताल कर रही हैं।  

एडिशनल एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने कहा कि जिस भी गिरोह ने इस घटना को अंजाम दिया हैं वह बहुत ही प्रोफेशनल गिरोह का काम हैं क्योंकि जिस तरह से इस अपहरण कांड को अंजाम देने से पहले उद्योगपति प्रवीण सोमानी का आने जाने का टाइम टेबल एवं किस रास्ते से आते जाते हैं, उनकी रेकी करने के बाद अपहरण की घटना को अंजाम दिया गया. अब तक अपहरणकर्ता के द्वारा किसी भी प्रकार से फिरौती की मांग को लेकर काल नहीं किया गया हैं।

दूसरी ओर जानकारों का कहना है कि अपहरणकर्ताओं ने इस मामले में अब तक कोई फिरौती की मांग नहीं की है. अमूमन प्रोफेशनल अपहरणकर्ता टारगेट को प्राप्त करने के बाद सुरक्षित ठिकाने में पहुंचाते ही फिरौती के लिए कॉल कर देते हैं क्योंकि टारगेट को ज्यादा देर तक सुरक्षित रख पाना ऐसे गिरोह के लिए सिरदर्द का काम होता है जिससे वे बचना चाहते हैं साथ ही मोटी रकम लेने के बाद जल्द छोड़ने की फिराक में रहते हैं।

पूर्व में हुए अपहरण कांड में महाराष्ट्र गिरोह का हाथ रहा था जो भाटापारा, बलौदा बाजार ,तिल्दा, बेमेतरा, जगहों पर ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। व्यापारी के अपहरण को 150 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। प्रवीण सोमानी के अपहरण को लेकर मजदूर वर्ग में एक अलग तरह की चर्चा चल रही है जिसमें यह कहा जा रहा है कि व्यापारी का अपहरण एक प्रतिद्वंद्विता के कारण हुआ होगा  इसलिए फिरौती की रकम की मांग नहीं की गयी हैं। जिस प्लानिंग के साथ अपहरण किया गया है उससे साफ है कि साजिशकर्ताओं ने चौक चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की जानकारी रखने के बाद अपहरण किया होगा एवं जिन रास्तों का इस्तेमाल व्यापारी की घर से फैक्ट्री से जाने के लिए करते रहे हैं, उसमें उस दिन गए ही नहीं होंगे।

पूर्व के काण्डों में भी अपहरणकर्ताओं को भाटापारा, बलौदाबाजार, तिल्दा, बेमेतरा के किसी अनजान जगह पर रखा गया था और पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। कहा यह भी जा रहा हैं कि इसमें सहयोग करने वाला फैक्ट्री से जुड़ा कोई व्यक्ति होगा जो हर पल की जानकारी पहुंचा रहा होगा। फिलहाल इस अपहरण कांड ने पुलिस की नींद उड़ा दी है. नजदीकी सूत्रों के अनुसार पुलिस को अनुमान है कि किसी तरह व्यापारी को अपहरण के बाद किसी गुप्त स्थान में ले जाया गया है परंतु गोपनीयता और व्यापारी की सुरक्षा के मद्देनजर यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकी है।