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Corona-सरपंच का आचार, गांव वालों को पड़ा भारी

Corona-सरपंच का आचार, गांव वालों को पड़ा भारी

हैदराबाद। तेलंगाना के महबूबनगर के नवाबपेट मंडल स्थित एक गांव में खलबली मची हुई है। दरअसल गांव के सरपंच ने कुछ दिन पहले 4 हजार लोगों में आम पचड़ी (आचार) बंटवाया था। अब सामने आया है कि आचार बेचने वाला व्यापारी और इसे बनाने वाला कुक कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद 100 गांव वालों को होम क्वारंटीन में भेजा गया है।

एक ओर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी कोरोना वायरस के फैलने के डर को कम करने में लगे हैं। वहीं कोल्लूर में वायरस के डर से लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दी है। गांववालों ने संक्रमण के डर से आचार तक फेंक दिए। तेलंगाना में गर्मियों में आम का आचार काफी पसंद किया जाता है। सूत्रों ने बताया कि 112 गांव वाले अपने घरों में कैद हैं। जिला मेडिकल एवं स्वास्थ्य अधिकारी (डीएमएचओ) डॉ. के कृष्णा ने बताया कि अभी तक कोई ग्रामीण पॉजिटिव नहीं निकला है।

ग्रामीणों की हो रही काउंसलिंग

डीएमएचओ ने बताया, 'घबराने की जरूरत नहीं, स्थिति काबू में है। हां, कुछ गांव वाले आचार खाने के बाद से डरे हुए हैं लेकिन हमने उनकी काउंसलिंग कर उन्हें समझाया कि आचार खाने से उन्हें वायरस नहीं होगा।'

शादपुर से आए थे कुक और व्यापारी
अधिकारियों के अनुसार, सरपंच और उनके पति ने गांव के सभी घरों में आचार बांटने की योजना बनाई। वे आम आचार बनाने के लिए ट्रेडर से मिलने के लिए शादपुर गए थे। शादपुर कोल्लूर से 52 किमी दूर है। एक ट्रेडर ने आचार बनाने के लिए दो कुक का इंतजाम किया और वे गांव आए। सरपंच ने 12 लोगों को जुटाकर आम का आचार बनवाया।

दो क्विंटल आचार बनवाया गया था
इस दौरान दो क्विंटल आचार तैयार किया गया। कुछ लोगों ने उसी दिन आचार टेस्ट किया। कुछ लोगों ने दूसरे दिन आचार खाया जबकि कुछ जार में स्टोर करके आचार घर ले गए। गांववालों को जब पता चला कि ट्रेडर और एक कुक कोरोना पॉजिटिव पाए गए तो उनके होश उड़ गए। एक अधिकारी ने बताया, 'आचार बनाने के लिए ऑर्डर मिलने से पहले कुक के साथ ट्रेडर हैदराबाद के ओल्ड सिटी में जियागुडा आया था। उनके सैंपल लिए गए जिसमें वे पॉजिटिव पाए गए।'