breaking news New

बंगाल के स्कूली पाठ्यक्रम में पारंपरिक खेल शामिल

बंगाल के स्कूली पाठ्यक्रम में पारंपरिक खेल शामिल

कोलकाता, 9 जनवरी। पश्चिम बंगाल सरकार ने प्री प्रायमरी कक्षा और पहली से पांचवीं तक की सभी कक्षों के 2020-2021 सत्र के दौरान पहले घंटे के बाद और दोपहर के भोजन से पहले के समय में पारंपरिक खेलों को शामिल किया है।

सरकार का मानना है कि बच्चों के टेलीविजन पर कार्टून देखने और मोबाइल फोन के खेलों के प्रति रूझानों के कारण वे अब पारंपरिक खेलों को भूलते जा रहे हैं। पारंपरिक खेल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में काफी सहायक होते हैं जिसके कारण राज्य सरकार ने स्कूल के पाठ्यक्रम में पारंपरिक खेलों को शामिल किया है।

राज्य सरकार ने पारंपरिक और लोक खेलों, कुमारीडांगा, इक्का-दुक्का, दरियाबंदा जैसे अन्य खेलों को लोकप्रिय बनाने का निर्णय लिया है और इस संबंध में राज्य शिक्षा विभाग ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की है। इसके तहत स्कूलों से प्री प्रायमरी कक्षा और पहली से पांचवीं तक की सभी कक्षों को 2020-2021 सत्र के दौरान पहले घंटे के बाद और दोपहर के भोजन से पहले के समय को शामिल करने को कहा गया है।

प्राथमिक शिक्षा बोर्ड ने इन खेलों को फिर से शुरु करने की पहल की है।