भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पत्रकारों को लात घुसों का सम्मान

भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पत्रकारों को लात घुसों का सम्मान

कांग्रेस के गुंडों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही, कलेक्टर व एसपी को हटाने राज्यपाल को ज्ञापन

धरना प्रदर्शन कर पत्रकारों ने विरोध जताया, कांगेस छोड़ सभी पार्टियों का समर्थन

भानुप्रतापपुर, 28 सितंबर। वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला, सतीश यादव सहित कांकेर के पत्रकार साथियों के साथ कांग्रेस के कुछ गुंडों के द्वारा शानिवार को जान लेवा हमला किया गया। जिसके विरोध में कल रविवार को कलेक्टर कार्यालय कांकेर के सामने बस्तर संभाग के सभी जिलों के सैकड़ों पत्रकार एकत्रित होकर घटना के विरोध करते हुए आरोपी के खिलाफ न्यायोचित कार्यवाही किये जाने की मांग करते हुए राज्यपाल के नाम से तहसीलदार को ज्ञापन सौपा। यदि उचित कार्यवाही नहीं की गई तो आगामी 2 अक्टूबर गांधी जयंती को रायपुर मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना प्रदर्शन किया जायेगा।


विदित हो कि ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी जितेन्द्र ठाकुर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कांकेर, गफ्फार मेमन विधायक प्रतिनिधि कांकेर,एवं गणेश तिवारी इंटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सहित मारपीट करने वाले कांग्रेसी गुंडों पर उनके द्वारा किये गए गंभीर अपराध पर लगने वाली  न्यायोचित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। कलेक्टर व एसपी कांकेर को अविलंब हटाये, घटना के राजनीतिक साजिश व कलेक्टर एसपी की भूमिका की की जांच की जाए एवं गफ्फार मेमन को जारी पिस्टल लाइसेंस को रद्द कर पिस्टल के जब्ती की जाए मांग है।

 अवैध कार्य व भ्रष्टाचार उजागर करने पर पत्रकारों को लात घुसों से सम्मान बड़ी विडम्बना है कि आज देश चौथे स्तम्भ कहे जाते है,पत्रकार आज सुरक्षित नहीं है। पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा केवल आश्वासन दिए जाते रहे है इस पर न तो कभी ततपरता दिखाई गई ओर न ही गंभीरता। समाज को आईना दिखाने वाले,पत्रकार साथी अपने जानजोखिम में रखते हुए अवैध कार्य व भ्र्ष्टाचार को उजागर करता है पर उन्हें ईनाम के तौर से लात घुसो से सम्मानित किया जाता है।

रुचि गर्ग मुख्यमंत्री के मीडिया सलाह को हटाए जाने की मांग

एक पत्रकार साथी ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए पत्रकार रुचिर गर्ग का बहिष्कार करते हुए उसे हटाने की मांग किया जा रहा है, आज पत्रकार पर हमले किये जा रहे है और गर्ग जी चुप बैठे है । ऐसा नेता हमे नही चाहिए। वही प्रदेश के कांग्रेस सरकार द्वारा कलम चलाने वाले पत्रकारों को तलवार चलाने में मजबूर किया जा रहा है।

 मोहन मंडावी सांसद कांकेर ने पत्रकारों को अपना समर्थन देते हुए घटना के कड़ी निंदा किया, उन्होंने कहा कि पत्रकार कमल शुक्ला पर हमला नही अपितु पूरे पत्रकार जगत व देश के ऊपर हमला है, जिस पुलिस थाना में हम सुरक्षा की बात करते है, वही पर मारपीट किया जाना अशोभनीय है मैं मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए पत्र लिखूंगा।


 कोमल हुपेंडी प्रदेश अध्यक्ष आम आदमी पार्टी ने भी घटना के कड़ी निंदा करते हुए पत्रकारों के साथ धरना स्थल पर बैठे रहे। इस दौरान श्री हुपेंडी ने कहा कि लोकतंत्र पर हमला के जिम्मेदार प्रदेश सरकार है। पत्रकार व जनता के सुरक्षा करने में कांग्रेस सरकार विफल रही है, कांग्रेस के गुंडे द्वारा थाना परिसर में पत्रकारों को मारना अधिकारियों की राजनीतिक षड्यंत्र है, वे पत्रकारों के आवाज को दबाने व कलम को तोड़ने का काम कर रही है। सतीश लटिया जिला अध्यक्ष भाजपा कांकेर ने भी पत्रकारों को समर्थन देते हुए घटना को बहुत ही शर्मनाक कहा भारतीय जनता पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है।

 मुख्यमंत्री के संरक्षण में पत्रकारों के ऊपर हमला हुआ है,यह कांग्रेस के लिये कोई नई बात नही है। जिले में धारा 144 लागू है, ऐसे में कांग्रेस के गुंडे द्वारा हथियार लहराना गलत है। 144 धारा लागू होने के बावजूद यहाँ के कलेक्टर व एसपी के निर्देश पर काम करे ऐसे अधिकारी को यहाँ से तत्काल हटाये जाए।  चंद्रमौली मिश्रा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवसेना ने घटना के निंदा करते हुए कहा कि कांकेर ही नही अपितु पूरे प्रदेश में कांग्रेस नेताओ द्वारा दहशत फैलाने का काम किया जा रहा है। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा खुलेआम गुंडागर्दी, भ्र्ष्टाचार व अवैध कार्य किया जा रहा है। शिवसेना द्वारा इसका विरोध करती है।

 तिलक पाण्डे सीपीआई , पत्रकारों पर किया गया हमला अभव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। इस पुरे घटना पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका बेहद ही शर्मनाक है, सीपीआई  भूपेश बघेल की सरकार से मांग करती है कि पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया जाय,कमल शुक्ला एंव अन्य पत्रकारों पर जिन पर कांग्रेसी गुंडों ने हमला किया है उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाय और पत्रकारो की पूर्ण सुरक्षा की व्यवस्था किया जाय।