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वनाधिकार पट्टा की मांग को लेकर ग्राम चेरँग के ग्रामीण पहुँचे कलेक्टर कार्यालय

वनाधिकार पट्टा की मांग को लेकर ग्राम चेरँग के ग्रामीण पहुँचे कलेक्टर कार्यालय


कोंडागांव। कोण्डागांव जिला अंतर्गत ग्राम पंचायत चेंरंग के आदिवासी ग्रामीणों ने कलेक्टर को वनाधिकार पट्टा देने की मांग करने के साथ ही राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन को भी आवेदन प्रेषित किया है। 20 अक्टूबर को जिला मुख्यालय के कलेक्टोरेट में सीपीआई जिला कोण्डागांव के जिला सचिव तिलक पाण्डे व बिरज नाग के नेतृत्व में पहुंचे रामलाल सलाम सुकदेव नेतामए फुलसिंग कोर्राम पीलु कोर्राम चैजूराम नेताम श्यामबती कोर्राम रामादीन कोर्राम ललीत कोर्राम फुलराम कोर्राम मानकु सलाम सुरज नेताम मनु कोर्राम लैखन सोरी सीताराम नेताम जुगधर नेताम फुलसिंग सोड़ी मसुराम सोड़ी जयसिंग नेताम कावले सोड़ी गुदराम नेताम सन्तेर सलाम फोहड़ु सोड़ी कुलेतराम कोर्राम रैयजु सलामए सिंगल कोर्राम शामलाल सोड़ी सोनादेर कोर्राम सुकली कोर्राम चन्दन कोर्रामए हीरु कोर्राम सहित 30 से अधिक चेरंगवासियों ने वनाधिकार पट्टा देने की मांग हेतु आवेदन प्रस्तुत किया है।
अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि वे सभी चेरंग के मूल निवासी और अजजा वर्ग के अंतर्गत आने वाले मुरिया जाति तथा गरीबी रेखा के अन्तर्गत जीवनयापन करने वाले परिवारों के हैं। सभी ग्राम पंचायत चेरंग से लगी आरक्षित वनभूमि पर 1980 के पूर्व से अपने बाप.दादा के समय से काबिज रहकर निरंतर मक्काए उड़दए कुल्थीए कोसराए धान आदि की खेती करते हुए अपना व अपने पर आश्रितजनों का जीवनयापन कर रहे हैं। सरकार द्वारा वनवासियों को निवास व खेती के लिए वन अधिकार मान्यता प्रपत्र देने हेतु आवेदन पत्र मंगाए जाने पर उन सभी के द्वारा वन अधिकार समिति टेमरुगांव के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए गए थे। लेकिन उक्त आवेदन पर वन अधिकार समिति टेमरुगांव द्वारा क्या कार्यवाही की गईए उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई ग्राम चेरंग नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बसे होने से वन विभाग ने आवेदकगणों के खिलाफ कभी भी अतिक्रमण से संबंधित पीण्ओण्आरण्आदि जैसा कोई प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किए होने से आवेदकगणों के पास कब्जे के संबंध में कोई दस्तावेज भी नहीं है। उनके द्वारा वनाधिकार प्रपत्र प्रदाय करने हेतु पूर्व में भी आवेदन दिया जा चुका हैए उक्त आवेदन पर भी क्या कार्यवाही की जा सकी हैए की सुचना आज दिनांक तक प्रदाय नहीं की गई है। इसलिए दुबारा आवेदन प्रस्तुत कर ग्राम पंचायत चेंरग स्थित वन भुमि का वन अधिकार मान्यता प्रपत्र प्रदान किये जाने की मांग की जा रही है ताकि आवेदकगण निर्भय होकर उक्त वन भूमि पर खेती कर सकें। आवेदन देने पहुंचे उक्त आदिवासी ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर सीपीआई के नेताओं तिलक पाण्डे व बिरज नाग ने कहा कि ग्राम चेरंग ही नहीं अंदरुनी क्षेत्र के अधिकांष गांवों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण पात्र आदिवासी सहित अन्य ग्रामीणों में से कई लोगों को अब तक भी वनाधिकार प्रपत्र नहीं मिल सका है। यदि आवेदन देने के बाद भी पात्रों को वनाधिकार प्रपत्र नहीं दिया गया तो सीपीआई के नेतृत्व में आंदोलन किया जाएगा।