breaking news New

10 हजार हेक्टेयर जंगल के सागौन कट गए, वन अफसर सोते रहे! वन मंत्री की शिकायत के बाद बनी जांच टीम जांच में कई वन अफसरों पर गिर सकती है गाज

10 हजार हेक्टेयर जंगल के सागौन कट गए, वन अफसर सोते रहे! वन मंत्री की शिकायत के बाद बनी जांच टीम जांच में कई वन अफसरों पर गिर सकती है गाज


चमन प्रकाश केयर 


रायपुर. गरियाबंद जिले के मैनपुर के जंगलों की अवैध कटाई को लेकर वन विभाग ने जांच तेज कर दी है। इसके लिए वन विभाग ने अधिकारियों की जाँच टीम बनाकर घटनास्थल पर भेजी है। इस जाँच टीम में मुख्य वन संरक्षक एसएसडी बड़गैय्या,मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी एच. एल.रात्रे एवं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वित्त एवं बजट देवाशीष दास शामिल हैं. टीम ने मैनपुर के ग्राम पंचायत धनौरा-पिपलखुंटा के राजपुर, हल्दीकछार, पुरीपत्थरा, कुसुमकरिया के जंगलो की पेड़ों की अवैध कटाई की जाँच की है। 

इनमें से एक अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वित्त एवं बजट देवाशीष दास ने बताया कि अवैध पेड़ कटाई पायी गयी है. इसकी जाँच की जा रही है. इसमें दोषी अधिकारी कर्मचारी को बक्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि वन विभाग के पास देर से जानकारी मिली है और सीमित जगहों पर पेड़ कटाई का मामला पाया गया है. इसकी जाँच के बाद एक रिपोर्ट तैयार की जायेगी उसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। 

गौरतलब है कि पिछले दिनों गरियाबंद जिले के आदिवासी वन मंत्री मो. अकबर से मिलकर पेड़ों की कटाई के मामले को लेकर शिकायत किये थे जिसके बाद उड़ीसा बॉर्डर के कटाई करने वाले करीब 30 लोगों को गिरफ्तार किया जा चूका है। बताया जा रहा है कि उड़ीसा के करीब 45 लकड़ी कटाई करने वाले छत्तीसगढ़ के मैनपुर के जंगलो में ग्राम पंचायत धनौरा-पिपलखुंटा के राजपुर, हल्दीकछार, पुरीपत्थरा, कुसुमकरिया के जंगलों में सागौन जैसे कीमती पेड़ों की तस्करी की गयी है. 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पेड़ों की कटाई के बाद के लोग वहां आकर बसने की तैयारी में थे और मैनपुर के ग्राम पंचायत पीपलखूंटा के करीब 18 किलोमीटर जंगल के अंदर उड़ीसा के लोगों की बसाने की तैयारी की जा रही थी। करीब 10 हजार हेक्टेयर जंगल  में लगे सागौन के पेड़ों को काटा जा चुका है जिसकी शिकायत ग्रामीण लोगों ने कई बार स्थानीय वन विभाग के अधिकारी कमचारियों से की थी. बावजूद इसके कोई कार्यवाही नहीं हो रही थी. इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है. 

स्थानीय निवासियों ने मंत्री से शिकायत की है कि वन विभाग के रेंजर नीलकण्ठ गंगवेर तथा उनके अधीनस्थ कर्मचारियों ने मिलकर धुरवा गुड़ी इंदागांव रेंज में 1204 और 1206 को उड़ीसा वालों के पास बेचने का आरोप है। ग्रामीणों ने बताया कि इस इलाके में सारे सागौन का पेड़ था. करीब 10 हजार हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहँचाया गया है. इस काम में जिला का पूरा वन महकमा मिला हुआ है क्योंकि किसी इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है. जबकि हमने डीएफओ से भी शिकायत की थी. लेकिन कार्रवाई तो दूर वहाँ निरीक्षण के लिए भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचे.