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VIDEO : छत्तीसगढ़ का राजकीय गीत, अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार, जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया

VIDEO : छत्तीसगढ़ का राजकीय गीत, अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार, जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य को अपना राज्यगीत मिल चुका है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इच्छा के बाद शासन ने इसे राज्य गीत का दर्जा दिया है. गीत के बोल हैं अरपा पैरी के धार...इसे लिखा था स्व डॉ नरेंद्र देव वर्मा ने।

राजनांदगांव के दिग्विजय कॉलेज में प्रोफेसर डॉ. चंद्रकुमार जैन ने बताया कि स्व.महासिंह चंद्राकर के लोक कला मंच सोनहा बिहान से डॉ नरेंद्र देव वर्मा जुड़े. उन्होंने ही यह गीत लिखा. यह मंच लोक गीत-संगीत का कार्यक्रम किया करता था. डॉ. वर्मा इसमें मंच संचालन करते थे. 1978 में महासमुंद में हुए कार्यक्रम में उनके बड़े भाई स्वामी आत्मानंद कार्यक्रम को देखने गए. उनके लिए बैठने का खास इंतजाम किया गया।

मगर डॉ. वर्मा ने उनसे कहा कि आपको इस कार्यक्रम को नीचे जमीन पर बैठकर आम लोगों के साथ देखना होगा. स्वामी जी ने इस शर्त को मुस्कुराकर स्वीकार किया और अपने संस्मरण में लिखा कि आज मैं विश्वास कहना चाहूंगा कि नरेंद्र सचमुच तुम मेरे अनुज थे. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल, डॉ नरेंद्र देव वर्मा की बेटी हैं.

यह है वह गीत :

अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां
महूं विनती करव तोर भुँइया
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया
सोहय बिंदिया सही, घाट डोंगरी पहार
चंदा सुरूज बने तोरे नैना
सोनहा धान अइसे अंग, लुगरा हरियर हे रंग
तोर बोली हवे जइसे मैना
अंचरा तोर डोलावय पुरवईया
सरगुजा हे सुग्घर, तोरे मउर मुकुट
रायगढ़ बिलासपुर बने तोरे बजहा
रयपुर कनिहा सही, घाते सुग्गर फबय
दुरूग बस्तर बने पैजनियाँ
नांदगांव नवा करधनियाँ
महूं विनती करव तोर भुँइया
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया.

सुनिए इस सुमधुर राज्य गीत को :