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कांग्रेस सेवा दल की सराहनीय पहल, 'प्रदेश के मृतकों की अस्थियां तीर्थराज प्रयाग में​ वसर्जित की'

कांग्रेस सेवा दल की सराहनीय पहल, 'प्रदेश के मृतकों की अस्थियां तीर्थराज प्रयाग में​ वसर्जित की'

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के आदेशानुसार लॉक डाऊन के दौरान प्रदेश में मृत जनों की अस्थियाँ विसर्जित नही की जा सकी थी, उनकी अस्थियाँ विसर्जन प्रयागराज में कराने का निर्णय लिया गया है जिसमें प्रदेश कांग्रेस  सेवादल के अध्यक्ष अरुण ताम्रकार को जिम्मेदारी सौपी गयी।

इस जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करते हुए प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष अरुण ताम्रकार की अगुवाई में विगत 2 जून को सुबह 10 बजे राजनांदगाव से अस्थि विसर्जन यात्रा प्रारम्भ हुई जो दुर्ग, रायपुर, सिमगा, बिलासपुर, पेंड्रा से अस्थि कलश संग्रहित करते प्रयागराज  पहुँची जहाँ त्रिवेणी संगम में पण्डितो के मार्गदर्शन में पूरे विधि-विधान से अस्थियों का विसर्जन  किया गया। उक्त कार्यकम का फेसबुक  के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया।

पूरे दल की विगत 4 जून को प्रातः उक्त यात्रा की सकुशल रायपुर वापसी हुई. यात्रा के प्रभारी सेवादल के प्रदेशाध्यक्ष अरुण ताम्रकार के द्वारा दिवंगतों के परिजनों को प्रयागराज से लाये गए प्रसाद स्वरूप गंगाजल, माला, इत्यादि सामग्री घर पहुंचाकर दिया गया। इस यात्रा में अरुण ताम्रकार के साथ महासचिव राजेश गुप्ता, वत्सल मेहता, रोशन राजपूत, विनय वर्मा, खिलेंद्र वर्मा भी शामिल थे। यात्रा के प्रयागराज  पहुँचने पर प्रयागराज शहर कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष व पदाधिकारियों ने भी अस्थि विसर्जन में सहयोग किया।

सवाल उठा कि रिश्तेदार क्यों नही गए या ले जाए गए!

इस पूरी प्रक्रिया में सवाल यह उठ रहे हैं कि जिन मृतकों की अस्थियां विसर्जित करने के​ लिए कांग्रेस सेवा दल के नेता और कार्यकर्ता प्रयागराज गए और वहां पर अस्थियां विसर्जित कीं, यह तो सराहनीय और अनुकरणीय पहल है लेकिन इसमें मृतकों के रिश्तेदारों का शामिल ना होना या उनके सदस्यों का साथ ना जाना, इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं. अगर अस्थि विसर्जन सेवा में सरकारी सुविधा का इस्तेमाल किया गया है तो फिर मृतकों के परिजनों को भी ले जाया जा सकता था!