कृषि विज्ञान केंद्र में जानवरों की स्थिति दयनीय

कृषि विज्ञान केंद्र में जानवरों की स्थिति दयनीय


पशुओं को पेट भर नहीं दिया जा रहा दाना- चारा,कई जानवर कुपोषण के शिकार


सफाई व्यवस्था का आलम ऐसा की एक साथ बकरियों व गायों को रखा जा रहा

दंतेवाड़ा, 15 सितंबर। दंतेवाड़ा जिला भ्रष्टाचार के मामलों में हमेशा ही सुर्खियों में रहा है। इन्हीं सुर्ख़ियों की कड़ी में गीदम स्थित कृषि विज्ञान केंद्र जुड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। कहीं भ्रष्टाचार की कलाई ना खुल जाये इसकी जुगत में कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी कर्मचारी सक्रिय दिखायी दिये। गौरतलब है कि दंतेवाड़ा जिले के हारमपारा गीदम स्थित कृषि विज्ञान केंद्र की पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनीष सुराना व ग्राम हारम की सरपंच प्रमिला सुराना को कुछ ग्रामीणों से शिकायत मिली थी कि वहां जानवरों को अच्छी तरह से नहीं रखा जा रहा है। ना ही उनकी उचित देखभाल की जा रही है। 


छोटे बछड़ों को चारा न दिये जाने कारण वह कुपोषित होकर मरने की कगार पर पहुंच चुके हैं। इस शिकायत पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनीष सुराना अपने साथी के साथ कृषि विज्ञान केंद्र गीदम पहुंचे व उनके द्वारा वहां के अधिकारियों से इसके बारे में जानकारी चाही गयी। जानकारी मांगने पर वहां के वरिष्ठ कृषि विज्ञान अधिकारी नारायण साहू द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। इस मामले को तूल पकड़ता देख मीडिया कर्मी वहां पहुंचे तो मीडिया कर्मियों के द्वारा भी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। जिसके कारण मीडियाकर्मियों में काफी रोष देखा गया। साथ ही वहां कर कर्मी बंजारे भी मीडिया कर्मियों के समक्ष बदतमीजी के साथ पेश आये। इससे अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि कृषि विज्ञान केंद्र गीदम के अधिकारी कर्मचारी अपने भ्रष्टाचार की पोल खुलने से बचाने के लिये मीडिया कर्मियों व जनप्रतिनिधियों को अंदर घुसने से मना कर रहे है। इस गहमागहमी के घंटो बाद जनप्रतिनिधियो और मीडिया कर्मियों को कृषि विज्ञान केंद्र का निरीक्षण करवाया गया।


 इस दौरान देखा गया कि जानवरो को तुरंत ही चारा कटवा कर दिया गया है। और वह चारा व घास गायों के खाने लायक भी नहीं था। साथ ही देखा गया कि बकरी बांधने की जगह पर गायों को रखा गया है। वहाँ कई दिनों से सफाई नहीं की गई है। गंदगी इतनी ज्यादा थी कि कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी भी वहां घुसने को तैयार नहीं थे। वही कुक्कुट पालन की स्थिति भी दयनीय थी। देखने पर पाया गया कि कड़कनाथ शेड पर गंदगी का अंबार तो था ही साथ ही फ्लोरिंग टूटी हुई थी। इस मामले के बारे में जब पशु चिकित्सक विवेक से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि इस गंदगी की वजह से बीमारी फैलती है। फूटी हुई फ्लोरिंग व नमी की वजह से भी बीमारी फैल सकती है। और बछड़े की यह हालत कम चारा देने की वजह से निर्मित हुई है। अब देखने वाली बात है कि शासन प्रशासन इस भ्रस्ट अधिकारी पर क्या कार्यवाही करता है।