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गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर दिल्ली के गुरुद्वारों में चलेंगे साल भर समारोह

गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर दिल्ली के गुरुद्वारों में चलेंगे साल भर समारोह

नई दिल्ली, 12 जनवरी। नौवें सिख गुरु तेग बहादुर के 400 वें प्रकाश पर्व पर दिल्ली के सभी ऐतिहासकि गुरुद्वारों में इस वर्ष अप्रैल से साल भर समारोह आयोजित किये जाएंगे। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धक समिति के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने रविवार को यहां बताया की गुरु श्री तेग बहादुर साहब जी का 399 वां प्रकाश पर्व ऐतिहसिक शीश गंज गुरुद्वारा में आयोजित किया जायेगा जहाँ गुरु साहिब ने कश्मीरी पंडितों के जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ 11 नवम्बर 1675 को बलिदान दिया था जिसे अब शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। 400 वें जन्म उत्सव के समापन समारोह का आयोजन ऐतिहासिक गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में आयोजित किया जायेगा जहाँ गुरु साहिब के पार्थिव शरीर को सिख धर्म की परम्पराओं के अनुरूप अग्नि के सपुर्द किया गया था।

उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए सिख इतिहासकारों , सिख वुद्धिजीवियों और विशेषज्ञों की एक समिति बनायी जाएगी जो इस अवसर पर सेमिनार , कार्यशालाओं , वाद विवाद आदि प्रतियोगिताओं का दिल्ली के विभिन्न गुरुद्वारों में आयोजन करके युवा पीढ़ी को उनकी शिक्षा और समाज के लिए दिए गए बलिदान के प्रति जागरूक तथा शिक्षित करेगी।

उन्होंने कहा कि साल भर चलने वाले समारोहों में गुरु तेग बहादुर साहिब की शिक्षा और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालने के लिए दिल्ली में एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जायेगा जिसमें भाग लेने के लिए अमेरिका , कनाडा , ब्रिटेन सहित अनेक देशों में रहने वाले सिख बुद्धिजिवियों ,शोधकर्ताओं सहित शिक्षाविदों को आमंत्रित किया जायेगा। समिति ने इस उपलक्ष में गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में आने वाले श्रद्धालुओं को नवीनतम तथा आधुनिक सुविधाएँ प्रदान करने के लिए दो करोड़ पचास लाख रुपए की लागत से दो मंज़िला एयर कंडीशनर भवन का निर्माण करायेगा।

श्री सिरसा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब जी से जुड़े गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में स्थित पवित्र कुएँ का पुन:विकसित करके इसमें चौबीस घंटे ताजा पानी का बहाव सुनिश्चित किया जायेगा। इस कुएँ के पावन जल से रायसीना हिल गांव में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के पार्थिव शरीर को अग्नि को सपुर्द करने से पहले सिख परम्पराओं के अनुसार स्नान कराया गया था तथा इस स्थल पर सन 1783 में 12 वर्ष के निर्माण कार्य के बाद 25 लाख रुपए लागत से गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब का निर्माण किया गया था।(वार्ता)