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हाथी प्रभावित 56 से अधिक गांवों से ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचे: कहा-नर दंतैल को आदमखोर घोषित कर मार दिया जाय

हाथी प्रभावित 56 से अधिक गांवों से ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचे: कहा-नर दंतैल को आदमखोर घोषित कर मार दिया जाय

हाथियों की आतंक से 5 साल में 16 लोगों की मौत हो चुकी

महासमुन्द, 17 अक्टूबर। महासमुन्द के सिरपुर क्षेत्र के ग्रामों से हाथी को अन्यत्र विस्थापित करने एवं ग्रामीणों की कई मांगों को स्वीकृति प्रदान कर जानमाल की क्षति रोकने की मांग को लेकर आदमकद हाथी की प्रतिमा लेकर महासमुन्द विकासखंड के 56 से अधिक गांवों के ग्रामीण आज कलेक्टोरेट पहुंचे हैं। इनकी मांग है कि नरसंहार करने वाले हाथी को पागल घोषित कर मार दिया जाये या फिर सभी हाथियों को अलग स्थान पर ले जाकर विस्थापित कर दिया जावे। गौरतलब है कि हाथियों की आतंक से 5 सालों में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। इन दूरस्थ गांवों में बिजली की सम्पूर्ण व्यवस्था न होने एवं रात में सरप्लस सपलाई ना होने से हाथियों का दल दिन के अलावा रात में भी गांवों की गलियों में घूमते रहते हैं। इससे बच्चों को स्कूल जाने तथा महिलाओं एवं पुरूषों को दैनिक एवं कृषि कार्यों के साथ व्यापारियों एवं अधिकारियों को कार्य सम्पादित कर पाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों की इस पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए जनपद अध्यक्ष धरमदास महिलांग तथा जनपद सदस्य योगेश्वर चंद्राक रभी ग्रामीमों के  साथ कलेक्टोरेट पहुंचे हैं और कह रहे हैं कि हाथियों की समस्या से निराकरण शीघ्र किया जाये अन्यथा जेल भरो आंदोलन एवं चक्काजाम करने के लिए क्षेत्र के कृषक एवं नागरिक बाध्य होंगे। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। 


कलेक्टर का घेराव करने पहुंचे ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि नर दंतैल को आदमखोर घोषित कर उनको मार दिया जाय जा फिर सभी हाथियों को अनंत्र विस्थापित कर दिया जाये। मृतक परिवार को दस लाख रुपए व परिवार के एक सदस्य को वन विभाग में नौकरी दी जावें। 25 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से क्षतिपूर्ति दी जावे। पीडि़त गांवों में लाइट की समूचित व्यवस्था एवं 24 घंटे सप्लाई की जाये। क्षतिपूर्ति की राशि 15 दिवस के भीतर पीडि़त परिवार को दिया जावें। कुकारडीह बंजर के झाड़ीदार पेड़ों की कटाई की जावे। हाथी सुरक्षा घेरा एपीटी का निर्माण शीघ्र किया जावे। वन पशु संरक्षण दल के ग्रामीण युवकों की भर्ती कर प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त वाहन के साथ पेट्रोलिंग सुविधा की जावें। एलिफेंट रिर्जव वायर निर्माण को लेकर सरकार की क्या योजना है किस स्थान पर और कब तक हाथियों की विस्थापित किया जावेगा. सार्वजनिक किया जावें। मुख्यमंत्री एवं वनमंत्री से प्रतिनिधी मंडल के मिलने एवं चर्चा के लिए पर्याप्त समय सुनिश्चित किया जाए। वन पशु संरक्षण का गाईड दल होना चाहिए जो समस्या मूलक गांव में गश्त करें। हाथियों के लिए बनाए जा रहे रिर्जव के लिए चिन्हांकित स्थल की समुचित जानकारी एवं कार्य में हुए प्रोगेस की जानकारी दे योजना की जानकारी दे। मुख्यमंत्री एवं वनमंत्री से प्रतिनिधि मंडल को मिलने एवं चर्चा के लिए पर्याप्त समय सुनिश्चित किया जाए।