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बीएसपी को हाईकोर्ट से झटका, खनन के लिए ली गई जमीन की कीमत देनी होगी या फिर जमीन करें वापस

बीएसपी को हाईकोर्ट से झटका, खनन के लिए ली गई जमीन की कीमत देनी होगी या फिर जमीन करें वापस

 बिलासपुर, 11 सितंबर। भिलाई स्टील प्लांट (सेल) को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने बीएसपी की याचिका खारिज कर दी है और आदेश दिया है कि बीएसपी को 921 हेक्टेयर जमीन की बाजार भाव से कीमत एक माह के भीतर राज्य सरकार को अदा करना है। बीएसपी अगर जमीन लेने की इच्छुक है तो उसे राज्य व केन्द्र सरकार को इसकी सूचना देना होगा।
अगर भिलाई स्टील प्लांट (सेल) उपरोक्त मूल्य अदा करना नहीं चाहता तो उसे जमीन राज्य सरकार को वापस करना पड़ेगा। कोर्ट के आदेश के बाद बीएसपी की परियोजना की कीमत बढ़ जाएगी या फिर उस पर ग्रहण भी लग सकता है।
आपको बता दें कि बीएसपी ने अपनी वृहद परियोजना के लिए कांकेर में 921 हेक्टेयर जमीन पर अपनी खनन परियोजना शुरु करना चाहता था। राज्य सरकार ने बीएसपी(सेल) को उक्त भूमि की कीमत अदा करने का आदेश दिया था। सरकार के आदेश के खिलाफ बीएसपी साल 2018 में याचिका दाखिल किया था और वर्तमान मूल्य अदा न करने और मुफ्त में प्रदान करने की राहत मांगी गई थी। राज्य शासन ने मामले में अपना पक्ष प्रस्तुत किया गया और कहा कि बीएसपी उपरोक्त मूल्य अदा नहीं करना चाहती है तो वो 921 हेक्टेयर जंगल भूमि राज्य शासन को वापस कर दे। हाईकोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टीएन गोदाबर्मन विरुद्ध भारत सरकार के फैसले के आधार पर दिया।
प्राधिकरण द्वारा एक माह के भीतर 921 हेक्टेयर जंगल भूमि धरण करनी है या राज्य शासन को वापस करनी यह निर्णय लिया जायेगा तथा उपरोक्त निर्णय को राज्य सरकार तथा भारत सरकार को बताया जायेगा। प्राधिकरण अगर उपरोक्त 921 हेक्टेयर भूमि को धरण करने की मंशा रखता है तो शुद्ध वर्तमान मूल्य की अदायगी आयेगी। यदि प्राधिकरण उपरोक्त समय में अपना निर्णय राज्य सरकार को संवाद करने में असफल रहता है जैसे की उपरोक्त अनुच्छेद में कहा गया है, 921 हेक्टेयर जंगल भूमि के लिये शुद्ध वर्तमान मूल्य अदा नही करता है तो राज्य सरकार 921 हेक्टेयर जंगल भूमि का पट्टा संशोधित कर सकेगी और प्राधिकरण के पास 17 हेक्टेयर जंगल भूमि खनिज के उपयोग हेतु रहेगी।