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मुख्यमंत्री से जोड़कर देखी जा रही है चंद्राकर की नियुक्ति

मुख्यमंत्री से जोड़कर देखी जा रही है चंद्राकर की नियुक्ति

0 दूर संचार अधिकारी जिला पंचायत में सीईओ बनें
रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के अधिकारियों के पांच पदों पर अन्य विभागों के अधिकारियों को पदस्थ करने का जो खेल पिछले कुछ सालों से राज्य में चल रहा था आज उसमें एक नया इजाफा हुआ। इस बार किसी भारतीय प्रशासनिक, राज्य प्रशासनिक सेवा या वन सेवा के अधिकारी को पदस्थ न करके पहली बार बीजापुर जिला पंचायत में दूर संचार विभाग के अधिकारी को जिला पंचायत का सीईओ बनाया गया है। इसके पहले नारायणपुर, गरियाबंद, दुर्ग, बेमेतरा आदि जगहों पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास के संयुक्त आयुक्त को जिला पंचायत का सीईओ बनाया गया था। जब ये हटे तो इतना हल्ला नहीं हुआ जितना कि दूर संचार सेवा के अधिकारी पोषण लाल चंद्राकर पदस्थापना पर हो रहा है, दरसल इस पदस्थापना को मुख्यमंत्री के नाम से जोड़कर कुछ लोगों द्वारा दूषप्रचार किया जा रहा है । भारतीय दूर संचार सेवा के अधिकारियों को मंत्रालय में प्रतिनियुक्ति पर लेकर कभी संयुक्त सचिव तो कभी अपर सचिव जैसी पदस्थापना देने की परंपरा रही है। राज्य में भारतीय प्रशासानिक सेवा की अधिकारियों की कमी का रोना रोकर बड़ी संख्या में पहले वन सेवा के अधिकारी और अन्य सेवा के अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर लेने का सिलसिला बना हुआ था। अभी भी मंत्रालय में भारतीय दूरसंचार सेवा के कई अधिकारी पदस्थ हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के कार्यों का संचालन जिला पंचायत, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत के माध्यम से होता है। इस विभाग से जुड़े अधिकारी पूरे सेवा काल में दायित्वों कार्यों और योजनाओं को भली भाती जान लेते हैं और अनेक अवसर तक लंबे-लंबे प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं। जब जिला पंचायत में पदस्थापना की बात आती है तो आरक्षित किए गए कोटे को भी दरकिनार कर दूसरे विभाग के अधिकारी पदस्थ किए जाते हैं। पिछले सालों में जनपद पंचायत में पीएससी से चयनित डिप्टी कलेक्टर को पंचायत का सीईओ बनाया गया था जिसके बाद गंभीर वित्तीय अनियमिताओं की शिकायत जनप्रतनिधियों के द्वारा की गई।
मंत्रालय से आज जारी आदेश में भारतीय दूर संचार सेवा के अधिकारी पोषण लाल चंद्राकर को बीजापुर जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया है। पोषण लाल चंद्राकर इसके पहले स्कूल शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर पदस्थ थे। छत्तीसगढ़ में यह पहला मौका होगा, जब किसी टेलीफोन अधिकारी को जिला पंचायत की कमान सौंपी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से ही बहुत सारे विभाग कार्यों में विभागीय अधिकारियों को विभागाध्यक्ष नहीं बनाकर उन कार्यालयों में राज्य प्रशासनिक सेवा/भारतीय प्रशासनिक सेवा के विभाग के अधिकारियों के कनिष्ठ अधिकारियों को विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के उपर पदस्थापना दी जाती रही है। इससे बहुत सारे तकनीकी एवं विशेष तरह से जुड़े विभागों के अधिकारियों में काफी रोष देखा गया है। पिछले दिनों महिला एवं बाल विकास में राज्य प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी को एडीशनल डायरेक्टर के पद पर पदस्थ कर दिया जो कि उस कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों से काफी जुनियर थीं। इसी तरह राज्य के बहुत से कार्यालयों में विशेषज्ञ सेवाओं के अधिकारियों को दरकिनार करके दूसरे अधिकारियों की पदस्थापना सरकार करती जा रही है। पोषणलाल चंद्राकर का यह मामला कुछ इसी तरह का है।