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कुर्दों ने द्वितीय विश्व युद्ध में हमारी मदद नहीं की थी : डोनाल्ड ट्रंप

कुर्दों ने द्वितीय विश्व युद्ध में हमारी मदद नहीं की थी : डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन, 10 अक्टूबर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि सीरिया के कुर्दों ने द्वितीय विश्व युद्ध में उनके देश की कोई मदद नहीं की थी. इस बयान के जरिए उन्होंने पूर्वोत्तर सीरिया से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने के अपने फैसले का बचाव किया है. इस फैसले से तुर्की को यहां हमला करने के लिए सैन्य अभियान शुरू करने का रास्ता मिल गया है. अभी तक अमेरिका इस इलाके में कुर्दों के साथ मिलकर आईएस से लड़ रहा था जिस वजह से तुर्की कुर्दों के खिलाफ मोर्चा नहीं खोल सका था. लेकिन बीते हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यहां से अपने सैनिकों को वापस बुलाने का ऐलान कर दिया. उनका कहना था कि कुर्द लड़ाकों ने अमेरिकी सैनिकों का आईएस से निपटने में बहुत साथ दिया, लेकिन अब आईएस के खत्म होने के बाद अमेरिका के सीरिया छोड़ने का वक्त आ गया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ‘कुर्द अपनी जमीन के लिए लड़ रहे हैं, आप इस बात को समझिए.’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, ‘उन्होंने (कुर्द) द्वितीय विश्वयुद्ध में हमारी मदद नहीं की थी. उदाहरण के लिए उन्होंने नॉरमैंडी (फ्रांस) में हमारी मदद नहीं की थी. उन्होंने अलग-अलग युद्धों का नाम लिया है, लेकिन वे उनमें शामिल नहीं थे.’ डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने हथियार, गोला-बारूद और वेतन के लिहाज से देखें तो कुर्दों की मदद पर अत्यधिक पैसा खर्च किया है.

तुर्की ने पूर्वोत्तर सीरिया में कुर्दों के नियंत्रण वाले इलाकों में बुधवार को हवाई हमले किए जिससे अब जमीन पर भी संघर्ष होने के आसार बन रहे हैं. तुर्की, कुर्दों को आतंकवादी मानता है. वह उत्तर सीरिया में उनके खिलाफ सैन्य कार्रवाई की लंबे समय से योजना बना रहा था. तुर्की का कहना है कि सीरियाई कुर्द, कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के अहम सहयोगी हैं. पीकेके ने 1984 में तुर्की के खिलाफ बगावत की थी और उससे लड़ाई लड़ी थी जिसमें काफी खून-खराबा हुआ था. पीकेके अभी भी आए दिन तुर्की में हमलों को अंजाम देती है.

वहीं एक कुर्द पत्रकार रहीम राशिदी डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान से ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं क्योंकि एक साल पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने कुर्दों के सहयोग की जमकर तारीफ की थी. इतना ही नहीं, एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने अपन इन सहयोगियों के लिए अत्यंत सम्मान प्रकट करते हुए राशिदी को ‘मिस्टर कुर्द’ का उपनाम भी दिया था. तब डोनाल्ड ट्रंप ने कुर्दों की रक्षा का वादा किया था. उन्होंने न्यूयॉर्क में पत्रकारों के सामने कहा था, ‘वे (कुर्द) हमारे साथ लड़े हैं, उन्होंने हमारे लिए जान दी है. हम यह बात भूले नहीं हैं.’ (पीटीआई)