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जिले में रेत का अवैध उत्खनन जोरों पर, विभाग मौन

जिले में रेत का अवैध उत्खनन जोरों पर, विभाग मौन

कोण्डागांव, 8 नवंबर। रेत के काले कारोबार में कोण्डागांव जिले के खनिज माफियाओं के फल-फूल रहे होने का मामला प्रकाश में आया है। वह भी रात के अंधेरे में नहीं दिन दहाड़े ही नदी किनारे रेत का खनन कर खनिज माफिया डाका डाल रहे हैं। बिना रायल्टी रसीद के ही हर रोज सैकड़ों ट्रेक्टर व हाइवा से रेत की ढुलाई हो रही है। जिला मुख्यालय के ही आस-पास के ग्राम पंचायत से रेत का अवैध खनन कर ये खनिज माफिया हो या ठेकेदार खुलेआम धड़ल्ले से अपनी वाहनों से परिवहन कर रहे हैं। खनिज विभाग सहित वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तैनात होने के बावजूद भी बेखौफ होकर ये खनिज माफिया अपनी ट्रेक्टर व हाइवा से रेत का परिवहन करते देखे जा रहे हैं, जो कि खनिज विभाग व वन विभाग के अमले पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।


अवैध ढंग से रेत खनन माफिया ग्राम पंचायतों के सरपंच से बात कर साठगांठ कर रेत की चोरी को अंजाम देते नजर आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कोंडागांव के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बनियागांव में नजर आया, जहां पर अवैध रूप से रेत माफिया द्वारा जेसीबी मशीन लगाकर रेत को हाइवा में लोड किया जा रहा था। मीडियाकर्मी द्वारा फोटोशूट कर खनिज विभाग के अधिकारी को इसकी जानकारी दी गई और मीडिया कर्मी को फोटोशूट करते देख हाइवा के ड्राइवर ने भरी हुई हाइवा को तत्काल खाली कर वहां से फरार हो गया। वहीं जेसीबी के ड्राइवर से चर्चा करने पर बताया कि यह जेसीबी व हाइवा कोण्डागांव के एक ठेकेदार वरुण मायती निवासी डीएनके कॉलोनी कोण्डागाँव का है और ठेकेदार ने बनियागांव के सरपंच से बात कर ली है, इसलिए हमारे ठेकेदार ने यहां अपनी वाहनों को रेत निकालने के कार्य में लगाया है और सरपंच की जानकारी में ही रेत का परिवहन किया जा रहा है। पूरे मामले में गांव के सरपंच और विभागीय अमले की मिलीभगत साफ साफ नजर आ रही है, जो कि अवैध रूप से खनिज का उत्खनन कर सरकार को चूना लगा रहे हैं।