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फेल हुआ बीजेपी का ‘65 पार’, झारखंड में अबकी बार सोरेन सरकार!

फेल हुआ बीजेपी का ‘65 पार’, झारखंड में अबकी बार सोरेन सरकार!

नई दिल्ली, 22 दिसंबर। झारखंड में विधानसभा चुनाव नतीजों की तस्वीर अब साफ होती दिख रही है. भारतीय जनता पार्टी के हाथ से एक और राज्य खिसकता हुआ दिख रहा है और रघुवर दास का मुख्यमंत्री पद पर सफर खत्म हो रहा है. कांग्रेस और जेएमएम का गठबंधन अभी तक के रुझानों में अपने दम पर बहुमत पा रहा है, यानी झारखंड में बीजेपी का 65 पार का नारा पूरी तरह फेल हो गया है.

क्या कहता है अभी तक का रुझान?

दोपहर 12 बजे तक का रुझान जो सामने आया है, उसमें कांग्रेस, जेएमएम और राजद का गठबंधन 41 तक पहुंच गया है. 81 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 42 का आंकड़ा चाहिए. पिछले चुनाव से इस चुनाव में इस गठबंधन को 16 सीटों का फायदा हुआ है.

वहीं, बीजेपी को बड़ा नुकसान हुआ है. बीजेपी अभी 27 सीटों पर सिमटती दिख रही है, जो कि 2014 से 10 सीटें कम हैं. खास बात ये भी है कि बीजेपी इस बार अकेले चुनाव लड़ी थी, ऐसे में उसके साथ कोई सहयोगी भी नहीं है जो किसी तरह उसकी नैया पार लगा सके.

जेएमएम – 23, कांग्रेस – 12, राजद – 5, बीजेपी – 28, आसजू – 6, जेवीएम- 4, अन्य – 3

हेमंत सोरेन का मुख्यमंत्री बनना तय?

चुनावी हार के साथ ही रघुवर दास का मुख्यमंत्री पद से हटना तय है तो राज्य में अब कांग्रेस-जेएमएम की सरकार बनने जा रही है. दोनों पार्टियों ने हेमंत सोरेन के चेहरे को सामने रखकर चुनाव लड़ा यानी अगर सरकार बनती है तो हेमंत सोरेन ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे. चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी हेमंत सोरेन के साथ साझा रैलियों को संबोधित किया था.

फेल हो गया बीजेपी का 65 पार का नारा?

हरियाणा और महाराष्ट्र की तरह भारतीय जनता पार्टी यहां पर अकेले दम पर बहुमत पाने में नाकाम रही. झारखंड में तो बीजेपी को बड़ा नुकसान हुआ है और सरकार हाथ से चली गई है. बीजेपी की ओर से चुनाव प्रचार में अबकी बार 65 पार का नारा दिया गया था जो पूरी तरह से फेल हो गया है. बीजेपी ने पीएम मोदी, अमित शाह समेत कई दिग्गजों को मैदान में उतार जीत पाने की कोशिश की लेकिन पूरी तरह फेल साबित हुई.

2014 में क्या रहा था नतीजा?

बता दें कि पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन तब सरकार बनाने के करीब थी और उसके साथ सहयोगी भी थे. 2014 में बीजेपी 37 सीटों पर जीती थी, चुनाव के बाद JVM के 6 विधायक उसके साथ आ गए थे.