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ब्रेकिंग न्यूज: IAS अनिल टुटेजा ने कथित पत्रकार पर किया 1 करोड़ के मानहानि का दावा

ब्रेकिंग न्यूज: IAS अनिल टुटेजा ने कथित पत्रकार पर किया 1 करोड़ के मानहानि का दावा


मैग्जीन पर अनर्गल आरोप के लिए 24 घंटे के भीतर लिखित माफी मांगने को कहा

रायपुर। आईएएस अनिल टुटेजा ने एक पत्रिका की कथित संपादक व पत्रकार विजया पाठक पर 1 करोड़ की मानहानि का दावा। पिछले दिनों उनकी मैग्जीन में आईएएस टुटेजा के उपर कई गंभीर आरोप लगाये गये थे। इस बाबत आईएएस अनिल टूटेजा ने वकील ठाकुर आनंद मोहन सिंह के जरिये मानहानि का नोटिस भेजा है। इस मामले में कथित पत्रकार विजया पाठक के साथ छत्तीसगढ़ के मणिशंकर अय्यर को भी सहभागी बनाया गया है।

नोटिस के मुताबिक कथित पत्रकार विजया पाठक ने 21, 22 और 25 जुलाई को अनर्गल आरोपों को लेकर आईएएस अनिल टुटेजा के मोबाइल पर तीन अलग-अलग मैसेज भेजे थे। मैसेज में खुद को एक पत्रिका का एडिटर बताते हुए विजया पाठक ने इन शीर्षकों के आधार पर आईएएस टुटेजा पर आरोप लगाया था कि डीओपीटी के आदेश से टुटेजा का निलंबन होना चाहिये था। अनिल टुटेजा क्यों महत्वपूर्ण पद पर हैं पदस्थ? टुटेजा ने नहीं भेजा नक्सली क्षेत्र में चावल, बढ़ी नक्सली समस्या? नान घोटाले के आरोपी पर मेहरबानी क्यों? एसएसपी रैंक के अफसर को ईओडब्ल्यू का चीफ क्यों बनाया? अनिल टुटेजा जैसे दागी अफसर के कारण छत्तीसगढ को शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी।

इस मामले में विस्तृत जानकारी देते हुए वकील आनंद मोहन सिंह ने बताया कि जिस तरह के आरोप लगाये गये हैं, उसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। बल्कि ऐसा लगता है कि इन आरोपों के जरिये हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाईयों पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा किया गया है। आपको बता दें कि भाजपा शासनकाल में आईएएस अनिल टुटेजा पर नान घोटाले का आरोप लगा था, हालाकि इस मामले में अभी तक उन पर किसी तरह का दोष सिद्ध नहीं हुआ है। लेकिन कथित पत्रकार विजया पाठक इसी घोटाले को लेकर अनिल टुटेजा पर पूरा दोष मढ़ दिया।

वकील आनंद मोहन ने बताया है कि जिस तरह से आरोप लगाये गये हैं, वो कोर्ट की कार्यवाही को प्रभावित करने वाले हैं। उन्होंने साफ किया कि नान घोटाले से आईएएस अनिल टुटेजा का दूर-दूर तक वास्ता नहीं है और ना ही प्रकाशित की गयी खबरों में कमीशनखोरी के जिक्र से उनका कोई जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाना झूठा और मानहानिकारक है। नोटिस में कहा गया है कि इस झूठे और भ्रामक कथन के लिए अगर लिखित में माफी नहीं मांगी गयी तो 24 घंटे के भीतर इस मामले को लेकर धारा 499 एवं 500 के तहत एक करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दर्ज किया जायेगा। वहीं इस नोटिस के एवज में आये 50 हजार रुपये का खर्च भी देने को कहा गया गया है।